शुक्रवार, दिसम्बर 9, 2022
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देवी-देवताओं के फोटो वाले अखबार में मांस बेच रहा था दुकानदार, FIR के हुआ गिरफ्तार

संभल। नूपुर शर्मा के विवादित बयान के बाद देश में चल रहे सियासी घमासान के बीच नया मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के संभल में एक मुस्लिम दुकानदार पर देवी-देवताओं के फोटो वाले अखबार में मांस बेचने का आरोप लगा है। मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद मोहम्मद तालिब को जेल भेज दिया गया है। बताया जा है कि आरोपी व्यक्ति एक होटल संचालक है जो देवी-देवताओें की तस्वीरों वाले अखबार में चिकन रखकर बेच रहा था। लोगों की शिकायत पर जब पुलिस के एक दल ने उसे ऐसा करने से रोका तो उसने उनपर चाकू से हमला कर दिया। यह घटना सदर कोतवाली इलाके में शंकर चौराहा के पास स्थित महक रेस्टोरेंट की है, जहां होटल मालिक चिकन को अखबारों में बेचता दिखा। काउंटर पर भारी तादात में देवी देवताओं के फोटो वाले अखबार भी दिख रहे थे, जिसके फोटो खींचकर हिंदू समुदाय की ओर से मामले की सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत की गई।

संभल के सर्कल अफसर जितेंद्र कुमार ने सोमवार (4 जुलाई, 2022) को बताया कि दुकानदार कागज में सामान बांधकर बेच रहा था। सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा है। धार्मिक भावनाओं को भड़काने और आईपीसी की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज है। दरअसल, तालिब के खिलाफ हिंदू जागरण मंच (एचजेएम) के जिला अध्यक्ष कैलाश गुप्ता ने सदर पुलिस थाने में शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि दुकानदार ने भगवान के फोटो वाले अखबार में कथित तौर पर नॉन-वेज बेचकर उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।

हालांकि, महक रेस्त्रां में काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया, “मेरे मालिक कबाड़ी के यहां से रद्दी अखबार लाए थे। बाकी खाने-पीने की दुकानों की ही तरह वह भी उसमें ग्राहकों का खाना पैक कर रहे थे। यह सामान्य चीज है, पर हमें यह मालूम नहीं था कि उन अखबारों में हिंदू देवी-देवताओं के फोटो भी होंगे। हम किसी की भावनाएं आहत नहीं करना चाहते हैं।
तालिब साल 2012 से इस दुकान को चला रहे हैं। उनके परिवार के एक सदस्य ने बताया कि खाना पैक करने के लिए सालों से रद्दी अखबार का इस्तेमाल किया जा रहा है। वह आगे सवालिया लहजे में बोले- जब हम पुराने अखबार को रैपर के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, तब क्या उसकी हेडरलाइंस या फिर तस्वीरों को ध्यान से देखते हैं?
उन्होंने आगे दावा किया कि मो. तालिब ने कभी भी किसी की भावनाओं को आहत नहीं किया है। बेल पर पूछे जाने पर उन्होंने आगे और कुछ कहने से साफ इन्कार कर दिया।

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