शुक्रवार, दिसम्बर 2, 2022
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कन्हैयालाल हत्याकांड में बड़ा खुलासा : ऑर्डर थे-गोली मत मारना, ISIS की तरह गला रेतकर VIDEO बनाना

उदयपुर में कन्हैयालाल हत्याकांड (Udaipur Kanhaiya Lal Murder) को लेकर SIT भी एक्शन में है। SIT ने मर्डर केस में मोहसिन और आसिफ नाम के दो और लोगों को गिरफ्तार किया है वहीं 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे हत्याकांड और रियाज-गौस को लेकर पूछताछ जारी है। मोहसिन और आसिफ को कोर्ट में पेश किया गया, उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस बीच उदयपुर में कन्हैयालाल हत्याकांड में पकड़े गए रियाज और गौस को लेकर एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। कन्हैयालाल की हत्या का असली मकसद आतंक की दहशत कायम करना था। तय था कि कन्हैयालाल को गोली नहीं मारनी है। आतंकवादी संगठन ISIS की तरह गला काटना है और उसका वीडियो भी बनाना है, ताकि देखने वालों की रूह कांप जाए।

पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के संपर्क में था गौस मोहम्मद

हत्या के आरोपी गौस मोहम्मद के भी आतंकवादियों से संपर्क होने की बात सामने आई है। गौस मोहम्मद आतंकी सलमान हैदर और अबू इब्राहिम के संपर्क में था। यह दोनों पाकिस्तान में बैठकर आंतक फैलाने का काम करते हैं। गौस मोहम्मद ने ही रियाज अत्तारी को कट्टरपंथी बनने के लिए उकसाया था। साथ ही ब्रेनवॉश कर अपनी टीम में शामिल कर लिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गौस मोहम्मद को आतंकी सलमान हैदर ने कट्टरपंथी बनने की ट्रेनिंग दी थी। सलमान ने ही गौस का संपर्क अबू इब्राहिम से कराया था। बताया जा रहा है कि गौस राजस्थान के कई जिलों में लोगों को भड़काकर कट्टरपंथी बना रहा था।

व्हॉट्सऐप ग्रुप पर डालते थे नफरती मैसेज

हत्याकांड की जांच में जुटी एजेंसियों को दो नफरती व्हाट्स ग्रुप के बारे में पता चला है। इस ग्रुप का नाम है लब्बेक और रसूल अल्लाह, जांच में पता चला है कि व्हॉट्सऐप ग्रुप पर नफरती मैसेज डाले जाते थे, ये सभी मैसेज उर्दू में लिखे होते थे, अब जांच एजेंसियां उन नंबरों को खंगाल रही है जो इस ग्रुप में जुड़े हुए थे। जांच में ये भी पता चला है कि हत्या वाले दिन वीडियो वायरल करने के लिए रियाज ने अपने ग्रुप में कई नंबरों को जोड़ा था।

साथियों को उकसाने के लिए बनाया था वीडियो

रियाज और गौस ने वॉट्सऐप से कई युवाओं को जोड़ रखा था। वे चाहते थे कि कन्हैयालाल की हत्या के बाद पुलिस उन्हें पकड़ भी ले तो दूसरे साथी नुपूर शर्मा की पोस्ट का समर्थन करने वाले लोगों की इसी तरीके से हत्याएं करते रहें, इसीलिए उन्होंने कन्हैयालाल की हत्या से पहले अपने साथियों को उकसाने के लिए वीडियो बनाया था। वीडियो में रियाज ने कहा था कि वो पकड़ा जाएगा लेकिन हत्याएं जारी रहनी चाहिए। जांच में जुटी एजेंसियों को यह भी पता चला है कि कन्हैयालाल ही नहीं, नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट करने वाले कई लोग इनके निशाने पर थे। उनका हश्र भी कन्हैया जैसा करने का ऑर्डर था। ऑर्डर देने वालों ने ही गौस मोहम्मद और रियाज जब्बार को ट्रेनिंग दी थी।

अजमेर से बनाने वाले थे तीसरा वीडियो, कई लोगों को वॉट्सऐप पर जोड़ा

जांच में यह भी पता लगा कि रियाज और गौस अजमेर पहुंचकर इस हत्याकांड से जुड़ा तीसरा वीडियो बनाने वाले थे। दोनों की मंशा यही थी कि हत्या के बाद दहशत फैलाने के लिए तीसरा वीडियो भी वायरल किया जाए। NIA जांच कर रही है कि दोनों अजमेर में कहां और किसके पास रुकने वाले थे।

बाइक पर था मुंबई हमले की तारीख का नंबर 2611

कन्हैयालाल की हत्या के लिए गौस और रियाज दोनों बाइक लेकर पहुंचे थे। बाइक पर मुंबई हमले की तारीख 2611 का नंबर था। दोनों ने दुकान से 70 मीटर दूर गली के कोने पर बाइक को स्टार्ट ही छोड़ दिया था, ताकि आसानी से फरार हो सकें। जैसे ही मार्केट में मर्डर की खबर फैली तो वहां मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे थे। वहीं सामने आया है कि कन्हैयालाल की हत्या करने के बाद हत्यारों ने अपना रास्ता बदल लिया था। वे उदयपुर से मावली गए। वहां गांवों के रास्तों होते हुए सरदारगढ़, आमेट होते हुए देवगढ़ पहुंच गए। यहां उन्होंने एक मोटर गैराज में ठहरने का इरादा किया था, लेकिन उन्हें मदद नहीं तो दोनों तुरंत भीम के लिए रवाना हो गए थे। उनका अजमेर भागने का प्लान था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। बाइक भी पुलिस की कस्टडी में है।

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