शनिवार, अगस्त 13, 2022
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भारत का वो राज्य जहाँ पर पेड़ों को लिया जाता है गोद, दिल्ली सरकार भी जल्द करेगी नीति लागू 

भारत के पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम ने अपने लोगों को फारेस्ट ट्री (एमिटी एंड रेवरेंस) नीति 2017 के तहत एक पेड़ को गोद लेने और ‘मितिनी’ या ‘मिथ’ संबंध में प्रवेश लेने की सहमती देता है. इस नीति के तहत राज्य का कोई भी व्यक्ति बच्चे के रूप में या फिर अपने परिवार के किसी सदस्य की याद में एक पेड़ को गोद ले सकता है.

आप को बता दे की दिल्ली का वन विभाग भी इस नीति पर काम करने जा रहा है. इसके अनुसार दिल्ली के अंदर किसी संस्था या फिर कोई व्यक्ति एक पेड़ को गोद लेकर उसकी देखभाल करेगा. राजधानी दिल्ली के वन विभाग के कर्मचारी ने बताया की दिल्ली के लोग पेड़ों के महत्व को लेकर काफी जागरूक है, और इसलिए दिल्ली वन विभाग सिक्किम राज्य की तर्ज पर ही पेड़ गोद लेने की परंपरा पर काम कर रहा है.

कर्मचारी ने बताया की हमारा उदेश्य प्रकृति और लोगों के बीच के संबंध को उजागर करना है. इस नीति के तहत कोई भी व्यक्ति एक से अधिक पेड़ों को गोद लेकर उनकी देखभाल कर सकता है. वन विभाग इस मामले में एक सर्वेक्षण करेगा और उन पेड़ों की पहचान करेगा जो काफी पुराने है, जिनकी देखभाल की जरुरत है.

अधिकारी ने बताया की स्कूल, कॉलेज, ईको क्लब, गैर-सरकारी संस्था और मार्केट एसोसिएशन को पेड़ों को गोद लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगे. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया की हम ये भी सुनिश्चित करेंगे की जो भी व्यक्ति या संस्था जिसे इस क्षेत्र का अनुभव है उसे पेड़ों को गोद लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगे.

आप को ये बता दे की सिक्किम ने पेड़ों को गोद लेने का नियम बनाया है जिसमे ‘मितिनी’ या ‘मिथ’ संबंध की अनुमति डेटा है, जिसका मतलब है, भाई-बहिन. कोई भी व्यक्ति पेड़ को अपने बच्चे या परिवार के सदस्य की जो की अब इस दुनिया में नही रहा है, गोद ले सकता है.

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