शुक्रवार, दिसम्बर 9, 2022
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No Entry For Students : योगी सरकार का फैसला: स्कूल यूनिफॉर्म पहने बच्चों को यहां नहीं मिलेगी एंट्री

कुशीनगर। कुछ बच्चे ऐसे होते है जो सुबह-सुबह घर से स्कूल के लिए निकलते तो हैं, लेकिन वो स्कूल की बजाय पार्क, मॉल, रेस्टोरेंट में पाए जाते है। ऐसे स्कूली छात्रों और छात्राओं को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का बड़ा फैसला आया है। यूपी में अब स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर पार्क, मॉल, रेस्टोरेंट्स में नहीं जा सकते। मतलब एंट्री ही नहीं मिलेगी। उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने ये आदेश जारी किया है। इस फैसले के मुताबिक अब स्कूल यूनिफॉर्म में बच्चे घूमने के लिए बाहर नहीं निकल सकते हैं। इस मामले में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है।

यूपी के कुशीनगर के मॉल, रेस्टोंरेंट, सिनेमाहॉल और पार्क संचालकों से डीआईओएस ने स्कूल यूनिफार्म में पहुंचने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश न देने की अपील की है। इसका उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ बाल संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र सिंह ने बताया कि डॉ. शुचिता चतुर्वेदी सदस्य उत्तर प्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग लखनऊ ने निर्देशित किया है कि बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 के प्रावधानों के अंतर्गत आयोग को बालकों के अधिकारों का उल्लंघन एवं संरक्षा के अतिक्रमण का स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच कराने का पूर्ण अधिकार है।

इस क्रम में उत्तर प्रदेश के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों जैसे पार्क, मॉल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल आदि के संचालकों से विद्यालय समय में किसी भी छात्र-छात्राओं को विद्यालय यूनिफॉर्म में प्रवेश न देने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। डीआईओएस ने कहा है कि विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं द्वारा विद्यालय समय में विद्यालय न जाकर अन्य सार्वजनिक स्थानों पार्क, मॉल, रेस्टोरेंट आदि में जाकर समय व्यतीत किए जाने से अप्रिय घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है।

उन्होंने कुशीनगर के समस्त विभिन्न सार्वजनिक स्थानों जैसे पार्क, मॉल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल आदि के संचालकों से अपील है कि विद्यालय समय में किसी भी छात्र-छात्राओं को विद्यालय यूनिफॉर्म में प्रवेश न दें। अन्यथा बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 की धाराओं के प्रावधानों के अंतर्गत आयोग को बालकों के अधिकारों का उल्लंघन एवं संरक्षण के अतिक्रमण का स्वत: संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग द्वारा जांच कर कार्रवाई की जायेगी। इसके जिम्मेदार संबंधित संचालक होंगे।

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