मंगलवार, अगस्त 16, 2022
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श्रीलंका में गहराया ईंधन संकट : गाड़ियां चलाने के लिए नहीं मिल रहा तेल, साइकिल पर शिफ्ट हो रहे लोग

कोलंबो। श्रीलंका में सियासी और आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास और सचिवालय में धावा बोल दिया है और यहां से हटने से मना कर दिया है। इनका कहना कि जब तक प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति इस्तीफा नहीं देंगे, हम नहीं हटेंगे। देश में हालात इतने खराब हो गए हैं कि खाने पीने के सामान से लेकर ईंधन तक सबके दाम बेतहाशा बढ़ चुके हैं। श्रीलंका में ईंधन मिलना मुश्किल हो रहा है। ईंधन नहीं मिलने से वाहनों के चक्के थम गए हैं। ऐसे में जिंदगी की रफ्तार को बनाए रखने के लिए लोग विकल्प के रूप में साइकिलों को चुन रहे हैं। आर्थिक दुश्वारियों से जूझ रहे श्रीलंकावासियों के रोजमर्रा के कामकाज के लिए साइकिल अब उनकी पहली पसंद बनती जा रही है। महंगाई और किल्लत ने उन्हें इसके लिए मजबूर कर दिया है। आम और खास सभी लोग आवश्यक कामकाज के लिए साइकिल को सहारा बना रहे हैं।

घंटों कतार में लगने के बाद भी नहीं मिल रहा पेट्रोल-डीजल

श्रीलंका में अधिकतर पेट्रोल पंप बंद पड़े हैं, क्योंकि पेट्रोल-डीजल ही नहीं है। जिन जगहों पर खुले हुए हैं, वहां बहुत लंबी-लंबी लाइन लग रही हैं। इतना ही नहीं पेट्रोल पंप की निगरानी के लिए पुलिस और आर्मी तैनात कर दी गई है। लोगों का कहना है कि वे पेट्रोल के लिए घंटों कतार में लगकर इंतजार नहीं कर सकते। ऐसे में राजधानी कोलंबो के एक ग्राहक ने कहा, कई लोगों ने साइकिल और सार्वजनिक वाहनों से आवाजाही शुरू कर दी है। देश में साइकिल की मांग भी लगातार बढ़ती जा रही है।

टमाटर 1000 रुपये किलो तो आलू 800

श्रीलंका के लोग दाने-दाने का मोहताज हो गए हैं। लोगों को एक वक्त का खाना भी अच्छे से नहीं मिल पा रहा है। खाने-पीने वाले प्रोडेक्ट के दाम कई गुना बढ़ चुके हैं। दाल की कीमतें तीन गुना बढ़ चुकी हैं। हालात इतने नाजुक हैं कि यहां भुखमरी और कुपोषण जैसे हालात पैदा हो रहे हैं। डीजल नहीं होने की वजह से नावें समुद्र में नहीं जा पा रही हैं, जिससे मछलियां भी नहीं पकड़ी जा रहीं। कई लोगों के लिए यह संकट महीनों से बना हुआ है। हालात यह हो गए हैं कि 1000 रुपये किलो टमाटर और 800 रुपये किलो आलू बिक रहा है। लोगों को न गैस मिल रही है और न ही बिजली। लोग लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हैं। कोलंबो के लोगों का कहना है कि ये हालात चीन के बहकावे में आए श्रीलंका सरकार के गलत फैसलों की वजह से हुआ है।

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आर-पार के मूड में जनता, राष्ट्रपति व पीएम निवास में डेरा

श्रीलंका में प्रदर्शनकारियों का विरोध लगातार जारी है। इस बार सभी प्रदर्शनकारी आर-पार के मूड में दिख रहे हैं और राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, प्रधानमंत्री के घरों में डेरा डाले हुए हैं। इन सभी का कहना है कि जब तक हमारी मांगें नहीं मान ली जाती तब तक हमलोग यहां से हटने वाले नहीं है। दरअसल श्रीलंका में जनाक्रोश के चलते गोटबाया सरकार का पतन हो चुका है और सेना जैसे तैसे हालात को संभाल रही है। देश के पास आवश्यक सामान आयात करने का पैसा नहीं है। विदेशी मुद्रा भंडार सूख गया है।

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राष्ट्रपति के भाई को भागने से रोका

उधर, प्रदर्शनकारियों के डर से राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के छोटे भाई बासिल राजपक्षे विदेश फरार होना चाहते थे लेकिन एयरपोर्ट कर्मचारियों ने इसका जोरदार विरोध किया जिससे उन्हें उल्टे पांव लौटना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बासिल राजपक्षे कोलंबो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जैसे ही पहुंचे वैसे ही एयरपोर्ट के इमीग्रेशन स्टाफ और यूनियन ने बीती रात कामकाज बंद कर दिया और उनका विरोध करने लगे। कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी भी की। बासिल राजपक्षे सिल्क रूट का इस्तेमाल करके श्रीलंका से बाहर जाना चाहते थे।

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साजिथ प्रेमदासा अंतरिम राष्ट्रपति

सोमवार को सर्वसम्मति से साजिथ प्रेमदासा को अंतरिम राष्ट्रपति पद के लिए नामित करने का फैसला किया है। वहीं श्रीलंका की संसद में 20 जुलाई को नए राष्ट्रपति का चुनाव होगा। श्रीलंका की संसद 20 जुलाई को नए राष्ट्रपति का चुनाव करेगी। स्पीकर महिंदा यापा अबेवर्दने ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।

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