शुक्रवार, दिसम्बर 2, 2022
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Sawan Somvar 2022 : आज सावन महीने का पहला सोमवार, जानिए- व्रत, और पूजा विधि का महत्व

Sawan Somvar 2022 : सावन (Sawan 2022) का आज पहला सोमवार है। सावन माह में सोमवार व्रत का विशेष महत्व होता है। इस दिन भोलेनाथ को विशेष रूप से जलाभिषेक और पूजा आराधना करने का विधान होता है। सावन (Sawan 2022) में कोविड की वजह से शिव भक्तों (Shiv Bhakt) के बीच एक दूरी सी बन गई थी। 2 वर्षों से सावन के महीने में तमाम बंदिशें लगाई गई थी, जिसकी वजह से शिव भक्तों की संख्या काफी कम थी। लेकिन इस बार बंदिश न होने के कारण मंदिरों में जमकर शिव भक्तों की भीड़ उमड़ी है। सावन के पहले सोमवार को परंपरा के मुताबिक शिवभक्तों ने जलाभिषेक (Jalabhishek) कर रहे हैं। वहीं रविवार दोपहर से ही मंदिरों में कांवड़ियों (kanwariye) की लाइन लगनी शुरू हो गई। सावन के पहले सोमवार को कांवड़ियां जलाभिषेक कर रहे हैं।

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विवाहित महिलाओं के लिए सावन सोमवार का विशेष महत्व

भगवान शिव और माता पार्वती को एक आदर्श पति-पत्नी के रूप में पूजा जाता है। इसी कारण से शादीशुदा महिलाएं अपने परिवार की सुख-समृद्धि और लंबी आयु के लिए सावन सोमवार का व्रत करती हैं। सावन सोमवार पर महिलाएं जल्दी सुबह उठकर स्नान करती हैं फिर श्रृंगार करती हैं। इसके बाद अपने घर के पास बने शिव मंदिर में जाकर व्रत का संकल्प लेते हुए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-आराधना करती हैं। पूजा के बाद भगवान शिव और मां पार्वती से सुहाग का आशीर्वाद मांगती हैं।

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सावन सोमवार की पूजा विधि

आज सावन का पहला सोमवार व्रत रखा जा रहा है। सावन का महीना भगवान शिव को बहुत ही प्रिय होता है। सावन सोमवार के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-आराधना करने से सभी तरह की मनोकामना जल्द पूरी हो जा जाती है। सावन सोमवार के दिन शिव कृपा का लाभ पाने के लिए सुबह जल्दी उठना चाहिए। फिर इसके बाद व्रत का संकल्प लेते हुए शिव मंदिर में जाएं और वहां पर सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें फिर इसके बाद भगवान शिव को जल से अभिषेक करें। शिवलिंग पर जल अर्पित करने के बाद बेल पत्र,मदार के फूल और धतूरा चढ़ाएं। इसके बाद शिवलिंग का श्रृंगार करते हुए दीप जलाकर आरती करें।

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सावन सोमवार व्रत में जरूर करें शिव चालीसा का पाठ

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का होता है। ऐसी मान्यता है कि सावन के महीने में शिव उपासना करने पर भगवान भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होते हैं। सावन के महीने में भगवान शिव का जलाभिषेक का विशेष महत्व है लेकिन इसके साथ साथ सावन सोमवार के दिन व्रत रखते हुए शिव चालीसा का पाठ करना भी बहुत लाभकारी होता है। इस कारण से भोलेनाथ की पूजा-उपासना में शिव चालीसा का पाठ जरूर करें।

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