गुरूवार, दिसम्बर 1, 2022
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संजय राउत की मेडिकल के बाद पेशी : पूछताछ के बाद ED ने देर रात किया गिरफ्तार, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मुंबई। महाराष्ट्र के पात्रा चॉल घोटाले में आरोपी शिवसेना सांसद संजय राउत की मेडिकल के बाद PMLA कोर्ट में पेशी होगी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में देर रात 12 बजे गिरफ्तार किया था। प्रदर्शनकारियों को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कोर्ट परिसर के आसपास 200 पुलिसकर्मियों को लगाया है। इसके अलावा, ईडी ऑफिस के बाहर 100 और जेजे हॉस्पिटल के बाहर 50 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। बुधवार को साढ़े छह घंटे की पूछताछ के बाद ED की ओर से यह एक्शन लिया गया। राउत रविवार को शाम 5.30 बजे ED दफ्तर पहुंचे थे। राउत की गिरफ्तारी के बाद उनके भाई सुनील राउत ने कहा कि गलत तरीके से उन्हें गिरफ्तार किया गया है। हमें गिरफ्तारी के संबंध में कोई कागज नहीं दिया गया है। भाजपा संजय राउत से डरती है, इसलिए गिरफ्तारी करवाई गई है।

गिरफ्तारी के खिलाफ शिवसेना के कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन

उधर, संजय राउत की गिरफ्तारी के विरोध में पुणे, पिंपरी चिंचवाड़, नागपुर और जलगांव में शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया है। पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में कइयों को हिरासत में लिया गया है। उद्धव ठाकरे ने पार्टी के पदाधिकारियों और नेताओं की मातोश्री पर एक बैठक बुलाई है। इससे पहले रविवार को संजय राउत ने कहा- ‘मैं किसी घोटाले में शामिल नहीं हूं। ED ने गलत सूचना के आधार पर कार्रवाई की है। दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की सौगंध खाता हूं कि मेरा किसी घोटाले से कोई संबंध नहीं है। मैं मर जाऊंगा, लेकिन न सरेंडर करूंगा, न ही शिवसेना छोडूंगा। झुकूंगा नहीं।’

11 करोड़ की संपत्ति हो चुकी है जब्त

यह केस मुंबई के गोरेगांव इलाके में पात्रा चॉल से जुड़ा है, जो महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी का भूखंड है। इसमें करीब 1034 करोड़ का घोटाला होने का आरोप है। इस केस में प्रवीण राउत की 9 करोड़ रुपए और संजय राउत की पत्नी वर्षा की 2 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त हो चुकी है।

क्या है मामला

आरोप है कि रियल एस्टेट कारोबारी प्रवीण राउत ने पात्रा चॉल में रह रहे लोगों से धोखा किया। एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस भूखंड पर 3000 फ्लैट बनाने का काम मिला था। इनमें से 672 फ्लैट पहले से यहां रहने वालों को देने थे। शेष MHADA और उक्त कंपनी को दिए जाने थे, लेकिन साल 2011 में इस विशाल भूखंड के कुछ हिस्सों को दूसरे बिल्डरों को बेच दिया गया था।

PMC बैंक घोटाले की जांच में उजागर हुआ मामला

2020 में महाराष्ट्र में सामने आए PMC बैंक घोटाले की जांच हो रही थी, तभी प्रवीण राउत की कंस्ट्रक्शन कंपनी का नाम सामने आया था। तब पता चला कि बिल्डर की पत्नी के बैंक खाते से संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को 55 लाख रुपए का कर्ज दिया गया था। आरोप है कि संजय राउत ने इसी पैसों से दादर में एक फ्लैट खरीदा था।

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