शुक्रवार, दिसम्बर 9, 2022
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Commonwealth Games 2022 : बारबाडोस के खिलाफ रेणुका ने ढाया कहर : ये कारनामा करने वाली पहली महिला गेंदबाज बनीं

बर्मिंघम। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है। राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बुधवार को अपने तीसरे मुकाबले में बारबाडोस को हराया। टीम इंडिया से मिले 163 रन के लक्ष्य के सामने बारबाडोस की टीम आठ विकेट पर 62 रन ही बना सकी। ग्रुप स्टेज में अपने आखिरी मुकाबले में भारत ने बारबाडोस की महिला टीम को 100 रन के बड़े अंतर से हराया और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम अब पदक जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है। अब टीम इंडिया का सामना इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले मैच की विजेता से होगा।

हिमाचल की बेटी रेणुका सिंह ठाकुर ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत के लिए रेणुका सिंह ने सबसे ज्यादा चार विकेट लिए। रेणुका ने इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी 18 रन देकर चार विकेट लिए थे। इस मैच में अपना कारनामा दोहाराने के साथ (10 रन देकर चार विकेट) ही रेणुका ने एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वो पहली महिला गेंदबाज बन गई हैं, जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में दो बार चार विकेट लिए हैं। इसके साथ ही वो पहली महिला तेज गेंदबाज बनी हैं, जिन्होंने एक सीरीज में दो बार चार या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं।

पदक जीतने से एक कदम दूर है भारत

भारतीय महिला क्रिकेट टीम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में पदक जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है। सेमीफाइनल मैच में भारत का सामना न्यूजीलैंड या इंग्लैंड से होगा। इस मैच को जीतने पर टीम इंडिया फाइनल में पहुंचेगी और कम से कम रजत पदक पक्का कर लेगी। वहीं, सेमीफाइनल में हारने पर भारत को दूसरे सेमीफाइनल में हारने वाली टीम के साथ मुकाबला खेलना होगा। यह मैच जीतने पर भारतीय टीम कांस्य पदक अपने नाम करेगी।

बारबाजोस के खिलाफ भारत की एकतरफा जीत

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारतीय टीम बेहतरीन लय में रही है। पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय गेंदबाजों ने 49 रन के स्कोर पर आधी टीम को आउठ कर दिया था। इसके बाद कंगारू टीम ने वापसी कर मैच जीत लिया। इसके बाद पाकिस्तान और बारबाडोस के खिलाफ भारतीय गेंदबाजों ने कमाल का प्रदर्शन किया है। सेमीफाइनल में भी भारतीय गेंदबाजों से ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

रेणुका सिंह ठाकुर का संघर्ष लाया रंग


रेणुका सिंह ठाकुर का जन्म शिमला जिले के रोहडू के पारसा गांव में हुआ। तीन साल की उम्र में पिता का निधन हो गया था। पिता केहर सिंह चाहते थे कि उनकी बेटी क्रिकेटर बने। वह विनोद कांबली के बड़े फैन थे। रेणुका के पिता का निधन 1999 में हो गया था। इसके बाद रेणुका की मां को सरकारी नौकरी मिली। पिता के निधन के बाद उसने गांव में क्रिकेट खेलना शुरू किया। बाद में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन(एचपीसीए) की धर्मशाला अकादमी के लिए चुनी गईं।

एचपीसीए के कोच पवन सेन से क्रिकेट की बारीकियां सीखीं। 2019 में रेणुका ने बीसीसीआई महिला वन डे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 23 विकेट हासिल किए थे। रेणुका से पहले दो हिमाचली महिला खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा बनी हैं। शिमला के ही सुन्नी की सुषमा वर्मा भी भारतीय महिला टीम में खेल चुकी हैं। हरलीन देओल भी भारत की ओर से खेली हैं। रेणुका के शानदार प्रदर्शन से क्षेत्र में खुशी की लहर है।

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