सोमवार, अक्टूबर 3, 2022
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कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट: कोटा में बाढ़ जैसी स्थिति, एमपी में बाढ़ के चलते 16 सड़क मार्ग बंद

जयपुर/भोपाल/प्रयागराज/हिमाचल। देश के कई राज्यों में हो रही बारिश से जनजीवन पूरी तरह से बेहाल हैं। राजस्थान, एमपी, यूपी, बिहार, हिमाचल और छत्तीसगढ़ में पिछले 48 घंटे से हो रही भारी बारिश ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। राजस्थान, एमपी और हिमाचल में तो बाढ़ जैसी स्थिति हो गई है। राजस्थान में भारी बारिश से 200 और एमपी में करीब 50 छोटे-बड़े डैम ओवरफ्लो हो गए हैं। कोटा में रिहायशी इलाकों में पानी घुसने से कई लोग बेघर हो गए हैं। सभी को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया जा रहा है। उधर, यूपी में गंगा खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। बिहार की राजधानी पटना में घाट डूब गए हैं। हिमाचल प्रदेश में फ्लैश फ्लड और लैंड स्लाइड की 36 घटनाओं में 22 लोगों की जान चली गई है। मौसम विभाग ने इन सभी राज्यों में मंगलवार के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यानी अगले 48 घंटे बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

राजस्थान: सीजन में 20.35 इंच बारिश, रेड अलर्ट जारी

राजस्थान में पिछले 48 घंटे हुई बारिश के चलते सीजन की 20.35 इंच बारिश हो चुकी है। राज्य के कोटा जिले में बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बचाव अभियान जारी है। कोटा में 20.47 इंच बारिश हुई। सभी जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। पिछले 24 घंटे में गिरे पानी की वजह से 716 छोटे-बड़े बांधों में से 200 से ज्यादा ओवरफ्लो हो चुके हैं। वहीं जयपुर की बात करें तो सीजन की बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। यहां सीजन में 19.78 इंच बारिश होती है, जबकि 19.79 इंच बारिश हो चुकी है। इधर, टोंक में सोमवार को 9 साल बाद 7 इंच से अधिक (180MM) बारिश हुई। इससे शहर की कुछ कॉलोनियों में पानी भर गया। सड़कें दरिया बन गईं। जिले में बरसाती नाले में बहने से पति-पत्नी की मौत हो गई। खेत पर जाने के लिए दोनों नाला पार कर रहे थे। वहीं, उदयपुर में बाइक से पुलिया पार कर रहे दो युवक बह गए। दोनों की तलाश की जा रही है। मौसम विभाग ने राजस्थान के आने वाले 2 दिनों के लिए भी राजस्थान में अलर्ट जारी किया है। 23 अगस्त को बाड़मेर, उदयपुर, पाली, जालोर, सिरोही, जैसलमेर में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। राजसमंद, नागौर, डूंगरपुर, जोधपुर में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। 24 अगस्त को बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर, जोधपुर में भी यलो अलर्ट है।

एमपी में 48 घंटों से बारिश हो रही बारिश

मध्यप्रदेश में पिछले 48 घंटों से बारिश हो रही है। सबसे ज्यादा भोपाल में हुई। 16 साल बाद अगस्त में एक दिन की सबसे ज्यादा बारिश हुई। राजधानी में रविवार सुबह 8:30 बजे से लेकर सोमवार रात 8:30 बजे तक 36 घंटे में ही 14.18 इंच से ज्यादा बारिश हो गई। इधर, मंदसौर में लगातार हो रही बारिश के बाद शिवना नदी उफान पर है। सोमवार देर रात शिवना का जलस्तर बढ़ने के बाद यह सुबह तक भगवान पशुपतिनाथ के गर्भगृह तक पहुंच गया। जिससे अष्टमुखी प्रतिमा के नीचे हिस्से के चार मुख पुरी तरह जलमग्न हो गए। एक सप्ताह में दूसरी बार ऐसा हुआ है कि भगवान पशुपतिनाथ का जलाभिषेक हुआ है। इधर, मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने जानकारी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ के चलते 16 सड़क मार्ग बंद और प्रभावित हैं। मिश्रा ने लोगों से बाढ़ प्रभावित इलाकों में यात्रा न करने की अपील की है।

यूपी में बाढ़ का कहर

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भरा गया है। लेटे हनुमानजी का मंदिर आधा पानी में डूब गया है। एक श्रद्धालु ने कहा कि पूरे क्षेत्र में पानी है, हम श्रद्धालुओं को आने में दिक्कत हो रही है। आने-जाने का सामने का रास्ता भी अवरुद्ध हो गया है।

छत्तीसगढ़: हाईवे पर चट्टानें गिरीं, MP से संपर्क कटा

छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के चलते गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से करीब 15 किमी आगे मध्य प्रदेश के अनूपपुर में लैंडस्लाइड होने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके चलते 15 से 20 ट्रक फंस गए हैं। वहीं राजेंद्रग्राम-अमरकंटक को जोड़ने वाले किरर मार्ग पर रीटेनिंग वॉल सहित सड़क बह गई है। इसके बाद आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है।

हिमाचल में बारिश से जान और माल का भारी नुकसान

हिमाचल प्रदेश में बीते 48 घंटे की बारिश ने जान और माल दोनों को भारी नुकसान पहुंचाया है। बीते तीन दिन में 207 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति तबाह हुई है। पूरे मानसून सीजन में 1337 करोड़ रुपए की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान हो गया है।
हिमाचल में बीते तीन दिन में बाढ़, बादल फटने, भूस्खलन और चट्‌टानें खिसकने की 36 घटनाओं में 23 लोगों की मौत हो चुकी है।

बिहार के 20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

बिहार के पहाड़ी इलाकों में बारिश के चलते कई जिलों में नदियां उफान पर हैं। नदियों के किनारों बसे गांवों को अलर्ट जारी किया गया है। कई जिलों में गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। पिछले 24 घंटे में पटना समेत कई जिलों में बारिश के चलते मौसम में राहत मिली है।

ओडिशा में नदियों में पानी का स्तर गिरा

ओडिशा में अधिकांश उफनती नदियों का जलस्तर मंगलवार को खतरे के स्तर से नीचे चला गया, जबकि राज्य के 902 गांवों में 6.4 लाख लोग फंसे हुए हैं। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता बी के मिश्रा ने कहा कि उत्तरी ओडिशा में सुवर्णरेखा और पूर्व में महानदी समेत अधिकतर नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। गंभीर बाढ़ खत्म हो गई है, लेकिन कई गांव जलमग्न हैं। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, कटक, क्योंझर और मयूरभंज जिले में मंगलवार और बुधवार को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।

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