शुक्रवार, सितम्बर 30, 2022
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13 राज्यों में छा सकता है अंधेरा! कंपनियों का भारी-भरकम बिजली बकाया, जानें क्या है मामला

नई दिल्ली। देश के देश के 13 राज्यों को आने वाले दिनों में भारी बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है। वजह यह है कि भारी-भरकम बकाये का भुगतान नहीं करने की वजह से सरकार ने 13 राज्यों को स्पॉट पावर एक्सचेंज करने से रोक दिया है। खबरों के मुताबिक, इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (आइइएक्स) ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, बिहार, कर्नाटक, मणिपुर, मिजोर, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश को गुरुवार आधी रात से पावर एक्सचेंजों में बिजली का सौदा करने से मना कर दिया है।

ब्लूमबर्ग समाचार एजेंसी के मुताबिक, पावर सिस्टम ऑपरेशन कार्पोरेशन के अध्यक्ष एस.आर. नरसिम्हन ने कहा है कि जबतक जेनरेटर और ट्रांसमिशन कंपनी को भुगतान नहीं कर दिया जाता तबतक राज्य न तो बिजली बेच सकते हैं और न ही खरीद सकते हैं। दरअसल, पिछले बिलों का भुगतान न किए जाने से पावर सिस्टम ऑपरेशन कोऑपरेशन लिमिटेड ने अपने पावर एक्सचेंज को देश के 13 राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों को बिजली बेचने से मना कर दिया है। इस कदम से इन राज्यों में मांग बढ़ने पर बिजली की खरीद संभव नहीं होगी और यहां बिजली की कटौती बढ़ जाएगी।

इन राज्यों पर दिखेगा असर

पावर एक्सचेंज ने पावर प्लांट के पिछले भुगतान को चुकाए जाने तक तमिलनाडु, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, झारखंड, बिहार, जम्मू और कश्मीर, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ की बिजली वितरण कंपनियों को बिजली एक्सचेंज से बिजली की खरीद करने पर रोक लगा दी है। यानि राज्यों में अपने उत्पादन के अतिरिक्त ये कंपनियां एक्सचेंज के जरिए दूसरे पावर प्लांट से बिजली नहीं ले पाएंगे। इससे मांग बढ़ने या राज्य में उत्पादन घटने की स्थिति में बिजली की कटौती बढ़ेगी। राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों को पावर प्लांट्स के 5085 करोड़ रुपये चुकाने हैं। ये पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में राज्यों को पावर एक्सचेंज पर बिजली खरीद के लिए प्रतिबंधित किया गया।

नए नियमों के तहत कार्रवाई

पावर प्लांट के नुकसान को कम करने और उनका बकाया रिलीज करने के लिए पावर मिनिस्ट्री ने नए नियम जारी किए हैं। इन्ही नियमों की वजह से 13 राज्यों पर प्रतिबंध लगा है। नियम 19 अगस्त से ही लागू हुए हैं। नियमों के मुताबिक अगर राज्यों की बिजली वितरण कंपनियां पावर कंपनियों के बकाया को 7 महीने तक नहीं चुकाती तो उन्हें पावर एक्सचेंज पर प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इससे पहले भी इस तरह की कार्रवाई हुई है। हालांकि उस समय राज्यों की संख्या काफी कम थी और प्रतिबंध कुछ ही दिनों में हटा लिए गए थे जब वितरण कंपनियों ने निर्धारित बकाया रकम चुका दी थी।

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