शुक्रवार, दिसम्बर 9, 2022
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Pakistan में पैदा हुई ये बकरी दुनियाभर में बन गई सेलिब्रिटीय, जानिए क्या है मामला

दुनिया में हजारों प्रकार के जीव-जंतु और जानवर पाए जाते हैं, जिनकी बनावट एक-दूसरे से अलग होती है, जिससे वो काफी अनोखा और अलग दिखते है। आज हम आपको ऐसे ही एक जानवर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो इन दिनों खूब चर्चा में हैं। दरअसल, पाकिस्तान के कराची में एक बकरी का जन्म हुआ, लेकिन यह बकरी अपने लंबे कानों के कारणों खूब चर्चा में है। इस बकरी के कानों की लंबाई लगभग 19 इंच (46 सेमी) है, जिससे यह अब वर्ल्ड रिकॉर्ड बन सकता है। मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक, सिम्बा नाम की बकरी का जन्म 5 जून को सिंध में हुआ था। बकरी ने अपने मालिक मुहम्मद हसन नरेजो को तब चकित कर दिया जब वह लंबे कानों के साथ पैदा हुई। वह पहले ही पाकिस्तान में एक स्थानीय हस्ती बन चुकी है। बकरी के कान इतने लंबे हैं कि चलते-चलते वे फर्श पर छू जाते हैं। वे उसके चेहरे के दोनों ओर लटकते हैं और हवा में झूलते हैं।

लंबे कान वाली बकरी ने सभी को चैंकाया

बकरी के बच्चे के लंबे कान शायद जीन म्यूटेशन या जेनेटिक डिसऑर्डर का परिणाम हैं। हालांकि, ऐसा लगता है कि वह अभी बिल्कुल ठीक है। मुहम्मद हसन नरेजो को उम्मीद है कि सिम्बा जल्द ही गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक होगी। सिम्बा एक न्युबियन है, एक बकरी की नस्ल जो अपने लंबे कानों के लिए जानी जाती है। इस नस्ल की बकरी एक महत्वपूर्ण उद्देश्य की पूर्ति करती है, वह है गर्म मौसम में शरीर को ठंडा रखने में मदद करना। हालांकि, न्युबियन मानकों के अनुसार भी सिम्बा के कान अधिक लंबे हैं।

दुनियाभर में मशहूर हो गई सिम्बा

सौभाग्य से, उसके लिए यह आसान है, जैसा कि कराची में होता है। अलग-अलग इलाकों के कारण तापमान अलग-अलग होता है, लेकिन गर्मियों में शीर्ष तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में सबसे ज्यादा कामोरी बकरी पाई जाती हैं, जो कि यहां सबसे आम है। ऐसा कहा जाता है कि लगभग 54 मिलियन बकरियों के साथ, यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बकरी उत्पादक देश है।

इन नस्ल की बकरियों से आखिर क्या है फायदा

कुछ नस्लों को मीट के लिए पाला जाता है, जबकि कुछ का उपयोग मीट और दूध दोनों के लिए किया जाता है। न्युबियन बकरियां उच्च गुणवत्ता वाले, उच्च मक्खन वाले दूध का उत्पादन करती हैं, जिसे पिया जा सकता है या आइसक्रीम, दही, पनीर और मक्खन बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अपनी मिडिल ईस्टर्न हेरिटेज के कारण ये बकरियां बहुत गर्म जलवायु में रह सकती हैं और अन्य डेयरी बकरियों की तुलना में इनका प्रजनन काल लंबा होता है।

ऐसी है बकरी के शरीर की बनावट

इस बकरी के शरीर की बनावट की बात की जाए तो इसका शरीर तो साधारण बकरी की तरह है, लेकिन उसके कान इतने लंबे है कि चलते चलते फर्श पर टकराते हैं और अगर इसके दोनों कानों को खींचो तो बकरी हवा में झूलने लगती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अनुवांशिक विकार के कारण बकरी के बच्चे के कान इतने बड़े हुए हैं। बता दें कि यह बकरियां बहुत गर्म जलवायु में भी रह सकती हैं और डेयरी बकरियों की तुला में इनका प्रजनन काल भी लंबा होता है। इन्हें मांस और दूध दोनों के लिए उपयोग किया जाता है। इसके दूध की गुणवत्ता भी बाकि बकरी के दूध से ज्यादा होती है।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी

सिम्बा बकरी के मालिक अब उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी बकरी का नाम जल्द ही गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर की लिस्ट में शामिल होगा। बता दें कि ये बकरी न्युबियन नस्ल की बकरी है। यह अपने लंबे कानों की वजह से ही जानी जाती है, लेकिन सिम्बा नाम की इस बकरी के कान अन्य बकरियों की तुलना में बहुत ज्यादा बड़े हैं।

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