बुधवार, अक्टूबर 5, 2022
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भारत में तबाही मचाने आया आतंकी गिरफ्तार: बोला- पाकिस्तानी कर्नल ने 30 हजार रुपए दिए थे, घायल होने पर भारतीय सैनिक ने दिया खून

जम्मू। भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में मुठभेड़ के दौरान एक पाकिस्तानी आतंकवादी को गिरफ्तार किया है, जिसने बड़े खुलासे किए हैं। गिरफ्तार हुए फिदायीन आतंकी तबारक हुसैन ने अपने 4-5 साथियों के साथ LoC बॉर्डर के पास घुसपैठ की कोशिश कर रहा था। वह भारतीय पोस्ट के करीब तार काटने की कोशिश कर रहा था, तभी जवानों ने उसे देख लिया। जवानों ने उसे ललकारा, इसके बाद तबराक ने भागने की कोशिश की। फायरिंग में वह घायल हो गया और जिंदा पकड़ा गया। आतंकवादी ने भारतीय सेना को बताया कि एक पाकिस्तानी कर्नल ने उसे भारत में तबाही मचाने के लिए भेजा था। पाकिस्तानी कर्नल ने उसे भारतीय पोस्ट पर हमला करने के लिए 30 हजार पाकिस्तानी रुपए (10,980 भारतीय रुपए) दिए थे। यह बातें उसने वीडियो पर कबूल की हैं, जिसे न्यूज एजेंसी ने जारी किया है। पाकिस्तानी आतंकी तबारक हुसैन को चार गोलियां लगी हैं और उसका इलाज चल रहा है। इस बीच इलाज के दौरान जब उसे खून की जरूरत पड़ी तो भारतीय सेना के एक जवान ने उसे खून दिया। उसने इस पर पश्चाताप करते हुए कहा कि उसे शर्म आ रही है। जो उसके साथी थे वे उसे छोड़कर भाग गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह आतंकवादी पहले भी भारतीय फौजों की गिरफ्त में आ चुका है। इस बार इसे राजौरी में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास घुसपैठ के दौरान गिरफ्तार किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 21 अगस्त को आतंकवादी तबारक हुसैन नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सेना की अग्रिम चौकियों पर बड़े हमले की फिराक में आया था। पाकिस्तानी सेना की खुफिया एजेंसी इंटरनेशनल सर्विसेज इंटेलीजेंस (ISI) में कर्नल रैंक के अधिकारी यूसुफ चौधरी ने फिदायीन आतंकियों को भारत में हमला कर तबाही मचाने के लिए भेजा था। उसके साथ दो और आतंकी थे।

हमले के लिए दिए थे 30 हजार रुपये

राजौरी में एक सैन्य अस्पताल में इलाज के दौरान फिदायीन आतंकी तबारक हुसैन ने बताया कि उसे भारत में हमले के लिए 30 हजार रुपये दिए गए थे, लेकिन तारबंदी काटने के दौरान तबारक को सतर्क जवानों ने फायरिंग कर घायल कर दिया। बाकी आतंकी मौके से भाग निकले। तबारक हुसैन ने पूछताछ में पाकिस्तान को फिर बेनकाब कर दिया है। तबारक हुसैन ने पत्रकारों को जवाब देते हुए भी देश में बड़े हमले की साजिश को कबूल किया। रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, नौशेरा के झंगड़ क्षेत्र में 21 अगस्त तड़के तीन आतंकियों के ग्रुप की हलचल देखी गई। दो आतंकी पीछे रहे, जबकि तबारक हुसैन तारबंदी के पास आकर तार काटने लगा। जवानों ने उसे चुनौती दी तो वो भागने लगा। इस दौरान फायरिंग में तबारक घायल होकर वहीं गिर गया जबकि अन्य आतंकी भाग निकले।

पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है आतंकी

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में गांव सब्जकोट और जिला कोटली के रहने वाले तबारक हुसैन ने बताया कि हमले के लिए उसने भारतीय सेना की तीन चौकियों की रेकी की थी। तबारक ने बताया कि कुल पांच आतंकियों का ग्रुप था, जिन्हें हमले को अंजाम देना था। गौरतलब है कि तबारक को उसके भाई हारून अली के साथ 2016 में भी पकड़ा गया था, जिसे कुछ वर्ष जेल में रखने के बाद पाकिस्तान को लौटा दिया गया था।

तबारक के परिवार में हैं 15 लोग

तबारक ने बताया कि उसके छह भाई है। परिवार में कुल 15 लोग हैं। तारबंदी के पास जब वह फायरिंग से घायल हुआ तो साथी आतंकी उसे छोड़कर भाग गए। फायरिंग में घायल होने पर तबारक बिलख कर चिल्ला रहा था- मैं यहां मरने आया था, मुझे यहां से निकालो भाई जान।

जिस पर हमले के लिए आया था वही कर रहे इलाज

चार गोलियां लगने से गंभीर रूप से घायल तबारक ने कहा कि वह भारतीय सेना पर हमले के लिए आया था। वही सेना आज उसका इलाज कर रही है। तबारक ने कहा कि मुझे इस बात पर शर्म आ रही है। वहीं, सैन्य अधिकारी ने बताया कि तबारक के शरीर से चार गोलियां निकाली गई हैं। उसका काफी खून बह गया था, जिसे बचाने के लिए सेना के जवान ने अपना खून दिया है। गंभीर रूप से घायल तबारक की सर्जरी की गई है।

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