शुक्रवार, दिसम्बर 9, 2022
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अब सोशल मीडिया पर कमेंट करने से पहले सोचना जरूरी : SC/ST एक्ट के तहत होगी कार्रवाई

कोच्चि। कानून की निगाहें अब सोशल मीडिया प्लेटफार्म (Social Media Platform) तक पहुंच चुकी है। अब सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कमेंट करने से पहले सौ बार सोचना होगा। अब बिना सोचे-समझे किसी भी पोस्ट पर कमेंट नहीं कर सकते हैं। ऐसा एक आदेश केरल हाई कोर्ट (Kerala high court) ने पारित किया है। केरल हाई कोर्ट (Kerala high court) ने अपने आदेश में कहा है कि SC/ST एक्ट के तहत (Scheduled Tribe (ST) community) अब सोशल मीडिया प्लेटफार्म (social media platforms) पर कमेंट्स की मानिटरिंग की जाएगी और अपमानजनक होने पर यूजर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत अनुसूचित जाति या जनजाति अधिनियम (SC/ST Act) के तहत अपमानजनक कमेंट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

SC/ST समुदाय की एक महिला का इंटरव्यू

केरल हाईकोर्ट में एक यूट्यूबर द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई की जा रही थी। याचिकाकर्ता यूट्यूबर ने एक साक्षात्कार में SC/ST समुदाय की एक महिला के खिलाफ (Sexual Assault By A Woman Of The ST Community) कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की थी। यह साक्षात्कार सोशल मीडिया पर भी अपलोड किया गया था। इसके बाद ही गिरफ्तारी के डर से यूट्यूबर ने अग्रिम जमानत की मांग की थी।

आरोपी यूट्यूबर ने दायर की थी अग्रिम जमानत याचिका

कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। आरोपी ने तर्क दिया था कि पीड़िता साक्षात्कार के दौरान मौजूद नहीं थी। इसलिए SC/ST एक्ट के प्रावधान के तहत यह मामला नहीं आता है। आरोपी ने यह भी कहा कि कमेंट को अपमानजनक तभी मानी जानी चाहिए, जब वह पीड़ित की मौजूदगी में की जाए।

अभियोजन पक्ष का तर्क

याचिका को लेकर अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा। इनका तर्क था कि सिर्फ पीड़ित की मौजूदगी में की गई टिप्पणी ही अपमानजनक टिप्पणी होगी, ऐसा कहना असंगत है। डिजिटल युग में इस तरह की व्याख्या को अपनाया गया तो यह कानूनी तौर पर बेमानी होगी। पीड़िता के वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी जानबूझकर सार्वजनिक रूप से अनुसूचित जनजाति के सदस्य का अपमान कर रहा था। करीब दो सप्ताह पहले अर्नाकुलम साउथ पुलिस के पास यूट्यूबर सूरज पल्लकरन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पल्लकरन पर आरोप था कि उन्होंने अपने आनलाइन पोर्टल के जरिए महिला की छवि धूमिल करने का प्रयास किया है। इसके बाद ही आरोपी पल्लकरन ने कोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की।

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