सोमवार, अक्टूबर 3, 2022
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Noida Twin Tower: कल 2.30 बजे ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएगा ट्विन टावर, जानें कब और कैसे गिराए जाएंगे

नोएडा। नोएडा में बने 103 मीटर ऊंचे ट्विन टावर 28 अगस्त को नौ से 12 सेकेंड में ध्वस्त हो जाएंगे। देश में ऐसा पहली बार होने जा रहा है। इनके ध्वस्तीकरण के लिए करीब 9640 छेद में 3700 किलो विस्फोटक का प्रयोग किया गया है। अधिकारियों का दावा है कि सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। नोएडा में सुपरटेक बिल्डर के ट्विन टावर कब, कैसे और किस तरह गिराए जाएंगे? ये हर कोई जानना चाहता है। इसका जवाब है कि एक कंट्रोल्‍ड चेन से इसका रिएक्‍शन शुरू होगा।

आसपास के सेक्टर में ट्रैफिक बाधित रहेगा

नोएडा के ट्विन टावर को गिराए जाने से ठीक 15 मिनट पहले एक्सप्रेसवे पर डायवर्जन व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। प्रेसवार्ता में पुलिस कमिश्नर कार्यालय के सभागार में डीसीपी सेंट्रल राजेश एस, डीसीपी ट्रैफिक गणेश प्रसाद साहा और एसीपी-दो रजनीश वर्मा ने ट्रैफिक प्लान जारी करते हुए व्यवस्था की जानकारी दी। नोएडा एक्सप्रेसवे पर ब्लास्ट के बाद धूल हटने तक वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद रहेगी। ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार शाम इसके लिए डायवर्जन प्लान जारी कर दिया है। लोग गूगल मैप का भी इस्तेमाल कर सकेंगे। इस पर ट्विन टावर व एक्सप्रेसवे पर डायवर्जन की व्यवस्था को अपडेट किया गया है। ट्विन टावर को जोड़ने वाले सभी मार्गों पर डायवर्जन लागू कर दिया गया है। रविवार सुबह सात बजे से इन मार्गों पर और सख्ती बरती जाएगी। सात बजे के बाद ट्विन टावर की तरफ किसी को नहीं जाने दिया जाएगा। हालांकि, टावर के आसपास की दो सोसाइटी एटीएस विलेज व एमराल्ड कोर्ट में रहने वाले लोगों को बाहर आने की इजाजत होगी।

दोनों टावर सेक्‍टर 93 में हैं। एपेक्स के दाहिने तरफ 10 मीटर से भी कम दूरी पर एमराल्ड कोर्ट सोसायटी का टावर है। वहीं, सियान के बाएं तरफ एटीएस विलेज सोसायटी का टावर 27 मीटर पर हैं। एपेक्स टावर 32 मंजिल और 102 मीटर का ऊंचा है। सियान 29 मंजिल का है और करीब 95 मीटर की ऊंचाई का है।

टावरों के 9600 होल में विस्फोटक सामग्री

आईआईडीसी ने बताया कि ट्विन टॉवर को ध्वस्त किए जाने के लिए सीएसआईआर-सीबीआरआई के सहयोग से मुंबई की मेसर्स एडिफाइस इंजीनियरिंग एजेंसी का चयन किया गया है। एजेंसी ने पूर्व में कोचीन में ऐसी ही एक इमारत के सफलतापूर्वक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है। इसे गिराने के लिए वॉटर फॉल इम्प्लोजन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जोकि डिजाइन के अनुसार मनचाही दिशा में भवन को गिराने के लिए काफी उपयोगी मानी जाती है। विगत 10 अप्रैल को एक टेस्ट ब्लास्ट भी किया गया था, जिसके नतीजों के आधार पर सीबीआरआई ने संशोधित ब्लास्ट डिजाइन तैयार की है। टॉवर को ध्वस्त करने के लिए करीब 3700 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री को स्टोर किया गया है। दोनों टॉवर में 9600 होल किए गए हैं, जहां विस्फोटक को रखा जा चुका है और अब इन्हें चार्ज किया जा रहा है। 28 अगस्त को दोपहर में ठीक 2:30 बजे एक बटन दबाने के महज 12 सेकेंड के भीतर 30 मंजिला टावर संख्या 16 और 31 मंजिला टॉवर संख्या 17 जमींदोज हो जाएगी।

एक बटन दबाते ही ट्विन टावर फ्लोर-दर-फ्लोर ढहने लगेगा

ब्लास्टर चेतन दत्‍ता एक ब्‍लैक बॉक्‍स से जुड़े हैंडल को कम से कम 10 बार घुमाएंगे। एक लाल बल्‍ब जलने-बुझने लगेगा। यह इशारा होगा कि चार्जर दबाने का वक्‍त आ गया है। दत्‍ता के हरा बटन दबाते ही उससे जुड़े चार डेटानेटर्स तक इलेक्ट्रिकल वेव्‍स पहुंच जाएंगी। अगले नौ सेकेंड्स में धमाके पर धमाके होंगे। सुपरटेक ट्विन टावर्स ताश के पत्‍तों की तरह जमींदोज हो जाएंगे। दत्‍ता को डिमॉलिशन कंपनी Edifice Engineering ने वह हरा बटन दबाने को चुना है। ब्लास्टर चेतन दत्‍ता के हाथों में मौजूद डिवाइस पर जो ग्रीन बटन दिख रहा है, उसे दबाते ही ट्विन टावर फ्लोर-दर-फ्लोर ढहने लगेगा। दत्‍ता ने बताया कि ब्‍लैक बॉक्‍स को डायनमो कहते हैं। उसमें दो तार हैं जो डेटोनेटर्स से जुड़े हैं। डायनमो को ऐक्टिवेट करने के लिए हैंडल को 10-15 बार घुमाना पड़ता है।

तीन माह में होगा मलबे का निस्तारण

मलबे के निस्तारण के लिए सीएंडडी वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया है। कुल पैदा होने वाले अनुमानित 80,000 टन मलबे से स्टील व क्रंक्रीट को अलग किया जाएगा। करीब 50,000 टन मलबा ट्विन टॉवर के 2 बेसमेंट में समायोजित करने की तैयारी है, जबकि शेष 30,000 टन मलबे को नोएडा में निर्मित सीएंडडी प्लांट में वैज्ञानिक तरीके से टाइल्स आदि में बदला जाएगा। यह काम अगले 3 माह में पूरा होगा।

3700 किलो विस्फोटक से गिराया जाएगा ट्विन टावर

आपको बता दें कि ट्विन टावर में विस्फोटक लगाने का काम सोमवार को पूरा हो गया। दोनों टावरों में करीब 3700 किलो विस्फोटक लगा दिए गए हैं। अब विशेषज्ञ सभी पिलरों की जांच करेंगे। जिसके बाद हर फ्लोर पर लगे विस्फोटकों को तारों से जोड़ा जाएगा। जिसके बाद 28 अगस्त को ब्लास्ट इमारत ढहा दी जाएगी।

50 से 70 मीटर की दूरी से दबाया जाएगा बटन

ब्लास्टर चेतन दत्ता का कहना है कि हम ट्विन टावर से लगभग 50-70 मीटर दूर होंगे। वहीं से बटन दबाया जाएगा। इसमें कोई खतरा नहीं होगा और पूरा यकीन है कि टावर सही तरीके से ढह जाएंगे। यह एक सरल प्रक्रिया है। हम डायनेमो से करंट उत्पन्न करते हैं और फिर बटन दबाते हैं, जो 9 सेकंड के भीतर सभी शॉक ट्यूबों में डेटोनेटर को प्रज्वलित कर देगा और बिल्डिंग जमींदोज हो जाएगी। लगभग 100 मीटर ऊंची इमारत को गिराने में लगे भारतीय और विदेशी ब्लास्टर की एक टीम को छोड़कर टावर के चारों ओर 500 मीटर के दायरे में किसी के भी आने की अनुमति नहीं होगी।

दुनिया की सबसे अच्छी टीम कर काम कर रही है: एडिफिस

ध्वस्तीकरण की कार्यवाही कर रही कंपनी एडिफिस के इंजीनियर जिगर छेड़ा ने बताया कि नोएडा अथॉरिटी ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आसपास के लोगों का डर स्वाभाविक है लेकिन हमने उसके लिए सारी सावधानियां बरती हैं। हम उनको बस यही बोलना चाहेंगे कि दुनिया की सबसे अच्छी टीम काम कर रही है और सब चीज अच्छे से होगी।

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