शुक्रवार, दिसम्बर 9, 2022
Advertisement
होमIndia NewsNEET देने गई छात्राओं के जबरन उतरवाए गए अंडरगारमेंट्स : परीक्षार्थियों की...

NEET देने गई छात्राओं के जबरन उतरवाए गए अंडरगारमेंट्स : परीक्षार्थियों की बातें सुनकर सन्न रह जाएंगे

तिरुवनंतपुरम। देश की सबसे बड़ी दाखिला परीक्षा विवादों में घिर गई है। रविवार 17 जुलाई, 2022 को देश-विदेश के 550 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। नीट यूजी परीक्षा के दौरान छात्राओं से जबरन इनरवियर और ब्रा उतरवाने का मामला सामने आया है। ऐसा किसी एक या दो छात्राओं के साथ नहीं बल्कि सैकड़ों छात्राओं के साथ हुआ है। इतना ही नहीं, कई अन्य राज्यों से भी हिजाब, बुर्का और दुप्पट्टे उतरवाने के भी मामले सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केरल में कोल्‍लम जिले के एक एग्जाम सेंटर पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET देने पहुंची छात्राओं से ब्रा उतरवा लिए गए। बताया जा रहा है कि सुरक्षा जांच के दौरान हुक के संपर्क में आने से मेटल डिटेक्टर की बीप बजी। इसके बाद सभी छात्राओं से ब्रा उतरवा लिए गए।

घटना मार्थोमा इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में रविवार को हुई, लेकिन एक लड़की के पिता की ओर से FIR दर्ज कराए जाने के बाद मामला सामने आया है। छात्रा का कहना है कि उसने ब्रा निकालने से मना किया था। इस पर जांच कर रही महिला कर्मचारी ने कहा कि आपको एग्जाम में बैठने नहीं दिया जाएगा। महिला कर्मचारी ने कहा कि भविष्य जरूरी है या इनरवियर? बस इसे हटा दें और हमारा समय बर्बाद न करें। ऐसा कई छात्राओं के साथ हुआ। छात्रा ने बाद में ब्रा अपनी मां को दे दी ताकि उसे परीक्षा में बैठने की इजाजत मिल सके। उसने खुद को कवर करने के लिए शॉल भी मांगा।

90% छात्राओं के इनरवियर निकलवाए

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक अन्य लड़की को अपनी जींस उतारने के लिए कहा गया, क्योंकि उसमें मेटल के बटन और जेब थीं। छात्राओं के अनुसार, जब वे परीक्षा देकर बाहर निकलीं तो उन्हें सारे अंडरगारमेंट्स डिब्बों में एक साथ फेंके हुए मिले। शिकायत में यह भी कहा गया है कि एग्जाम सेंटर पर करीब 90% छात्राओं को अपने इनरवियर निकालने पड़े।

इंस्टीट्यूट का इनकार, पुलिस ने की पुष्टि

मामले के तूल पकड़ने पर केरल के अयूर चदायमंगलम में मार्थोमा इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने यह कहते हुए जिम्मेदारी से इनकार किया है कि बाहरी एजेंसियों द्वारा तलाशी और बायोमेट्रिक जांच की गई थी। वहीं, कोल्लम पुलिस चीफ केबी रवि ने केस दर्ज कराए जाने की पुष्टि की है। पुलिस को लिखे शिकायती लेटर में पिता ने कहा कि उनकी बेटी ने इनरवियर से भरा एक कमरा देखा था। एग्जाम सेंटर पर कई लड़कियां रो रही थीं और मानसिक तौर प्रताड़ित महसूस कर रही थीं। इसमें कॉलेज प्रबंधन के सदस्य शामिल नहीं थे। ब्रा के हुक मेटल के होते हैं शायद इसलिए यह वाकया हुआ होगा। वहीं, ड्रेस कोड के अनुसार, छात्रों को परीक्षा हॉल में प्रवेश करते समय मेटल, किसी भी धातु की वस्तु या आभूषण आदि पहनने की अनुमति नहीं है। वहीं, विशेषज्ञों के अनुसार, एनटीए की एडवाइजरी ब्रा और अंडरगारमेंट्स के बारे में बात नहीं करती है। यानी कि जांच का यह तरीका सरासर गलत और नियम विरूद्ध है।

प्रोटोकॉल में अंडरगारमेंट्स का जिक्र नहीं

दरअसल, परीक्षा प्रोटोकॉल के हिसाब से परीक्षा केंद्र में किसी भी छात्र-छात्रा को धातु की वस्तु या सामान पहनने की अनुमति नहीं है। इसे परीक्षा में धोखाधड़ी से बचने का उपाय बताया जा रहा है। एडवाइजरी में बेल्ट का जिक्र तो है, लेकिन ब्रा जैसे अंडरगारमेंट्स का जिक्र नहीं है।

केरल की मंत्री ने कहा- ऐसी घटना बर्दाश्त नहीं करेंगे

इस मामले पर केरल की उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदू ने सोमवार को कहा कि परीक्षा किसी सरकारी एजेंसी ने नहीं कराई है। जो हुआ वह गंभीर चूक का संकेत देता है। ऐसी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हम एग्जाम सेंटर और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से (NTA) से शिकायत करेंगे। NTA शैक्षणिक संस्थानों के लिए प्रवेश परीक्षा कराती है।

महाराष्ट्र में उतारना पड़ा हिजाब, परिजनों ने जताया विरोध

वहीं, महाराष्ट्र के एक परीक्षा केंद्र पर कुछ मुस्लिम लड़कियों ने दावा किया है कि जब वे राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट यूजी परीक्षा में शामिल होने के लिए पहुंचीं तो वहां उनसे उनका बुर्का और हिजाब जबरन उतरवा दिया गया। जबकि गाइडलाइन में धार्मिक वस्त्र पहनने की अनुमति की बात कही गई थी। इसे लेकर कुछ छात्रों ने परिजनों ने विरोध जाहिर किया है और मामले में शिकायत भी दर्ज कराई है। इतना ही नहीं, कई अन्य राज्यों से भी हिजाब, बुर्का और दुप्पट्टे उतरवाने के भी मामले सामने आए हैं।

RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

Recent Comments