शुक्रवार, सितम्बर 30, 2022
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Siachen Soldier Chandrashekhar Harbola : 38 साल बाद भी बर्फ से सुरक्षित मिला पार्थिव शरीर, शहीद चंद्रशेखर की ऐसे हुई पहचान

हल्द्वानी। भारत और पाकिस्तान के बीच सियाचिन को लेकर हुई झड़प में शामिल रहे 19 कुमाऊं रेजीमेंट के लांसनायक चंद्रशेखर हर्बोला का पार्थिव शरीर 38 साल बाद भी सुरक्षित है। सियाचिन में बर्फ में दबे रहने की वजह से शहीद की पार्थिव देह को नुकसान नहीं हुआ है। रविवार को रानीखेत स्थित सैनिक ग्रुप केंद्र की ओर से शहीद चंद्रशेखर हर्बोला के परिजनों को सूचना भेजी गई कि उनका पार्थिव शरीर सियाचिन में मिला है। उनके साथ एक और सैनिक का पार्थिव शरीर मिलने का सूचना मिली है।

बताया जा रहा है कि सोमवार को उनका पार्थिव शरीर सियाचिन से हल्द्वानी लाया जाएगा। इसके बाद सैनिक सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया जाएगा। शहीद चंद्रशेखर का जब शव मिला तो उनकी पहचान के लिए उनके हाथ में बंधे ब्रेसलेट का सहारा लिया गया। इसमें उनका बैच नंबर और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज थीं। बैच नंबर से सैनिक के बारे में पूरी जानकारी मिल जाती है। इसके बाद उनके परिजनों को सूचना दी गई।

मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट के हाथीगुर बिंता निवासी चंद्रशेखर हर्बोला 19 कुमाऊं रेजीमेंट में लांसनायक थे। वह 1975 में सेना में भर्ती हुए थे। 1984 में भारत और पाकिस्तान के बीच सियाचिन के लिए युद्ध लड़ा गया था। भारत ने इस मिशन का नाम ‘ऑपरेशन मेघदूत’ रखा था। भारत की ओर से मई 1984 में सियाचिन में पेट्रोलिंग के लिए 20 सैनिकों की टुकड़ी भेजी गई थी। इसमें लांसनायक चंद्रशेखर हर्बोला भी शामिल थे। सभी सैनिक सियाचिन में ग्लेशियर टूटने की वजह से इसकी चपेट में आ गए जिसके बाद किसी भी सैनिक के बचने की उम्मीद नहीं रही। भारत सरकार और सेना की ओर से सैनिकों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसमें 15 सैनिकों के पार्थिव शरीर मिल गए थे लेकिन पांच सैनिकों का पता नहीं चल सका था।

शहीद चंद्रशेखर की पत्नी वीरांगना शांति देवी इस समय हल्द्वानी में धान मिल के पास सरस्वती विहार कॉलोनी में रहती हैं। एसडीएम मनीष कुमार और तहसीलदार संजय कुमार रविवार को उनके घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को प्रशासन की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

ये सैनिक हादसे का हुए थे शिकार
1- दयाकिशन, जिला-नैनीताल
2- राम सिंह, जिला-नैनीताल
3- गोविंद बल्लभ, जिला-अल्मोड़ा
4- भगवत सिंह, जिला-अल्मोड़ा
5- चंद्र शेखर हर्बोला, जिला-अल्मोड़ा
6- मोती सिंह, जिला- पिथौरागढ़
7- पीएस पुंडीर, जिला-इलाहाबाद
8- चंद्रशेखर, जिला-पिथौरागढ़
9- जगत सिंह, जिला-पिथौरागढ़
10- गंगा सिंह, जिला-अल्मोड़ा
11- पुष्कर सिंह, जिला-पिथौरागढ़
12- जगत सिंह, जिला-पिथौरागढ़
13- भूपाल सिंह, जिला-पिथौरागढ़
14- हयात सिंह, जिला-पिथौरागढ़
15- महेंद्र पाल सिंह, जिला-पिथौरागढ़
16- राजेंद्र सिंह, जिला-अल्मोड़ा
17- भीम सिंह, जिला-पिथौरागढ़
18- मोहन सिंह भंडारी, जिला-अल्मोड़ा
19- जगदीश चंद्र, जिला-पिथौरागढ़
20- नरेंद्र सिंह, जिला-पिथौरागढ़

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