शुक्रवार, दिसम्बर 9, 2022
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इस मीनार में जाने वाले भाई-बहन बन जाते हैं पति-पत्नी! जानिए क्या है मामला

Lanka Minar In Uttar Pradesh : भारत अनेक संस्कृतियों और परंपराओं का देश है। यहां का समाज सदियों से चले आ रहे हैं रीती-रिवाजों को आज भी मानता है। भारत में आज भी कई अजीबों-गरीब मान्यताओं का भी खूब चलन है, जिनके बारे में जानकार हर कोई हैरान रह जाता है। भारत मेंएक ऐसी ही मान्यता है, जिसके बारे में जानकर आप हैरान हो जाएंगे। ऐसा कहा जाता है कि इस मीनार पर भाई-बहन एक साथ चढ़कर ऊपर जा नहीं जा सकते। चलिए इस कहानी के बारे में अच्छे से जानते हैं।

भारत में मौजूद है ‘लंका मीनार’

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में स्थित इस मीनार की अजीब मान्यता रावण को समर्पित है। इस मीनार के अंदर रावण के पूरे परिवार के चित्र बनाए गए हैं। आपको बता दे कि यह मीनार ज्यादा बड़ी नहीं है, लेकिन अपनी अजीब मान्यता की वजह से ये जगह एक टूरिस्ट स्पॉट में बदल चुकी है। इस स्थान को देखने के लिए लोग यहां दूर-दूर से आते हैं।

क्यों कराया गया इस मीनार का निर्माण?

इस मीनार के निर्माण की कहानी बड़ी दिलचस्प है। जानकारी के अनुसार, यह मीनार 1857 में, मथुरा प्रसाद नामक एक व्यक्ति द्वारा बनवाई गई थी। कहते हैं कि मथुरा प्रसाद ने रावण की याद में इस मीनार का निर्माण करवाया था। इसलिए, इसका नाम ‘लंका मीनार’ रखा गया।

मीनार को बनाने की कहानी

इस मीनार के निर्माण की कहानी बेहद ही दिलचस्प है। इस मीनार को 1857 में, मथुरा प्रसाद निगम के एक व्यक्ति द्वारा बनवाया गया था। ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने रावण की याद में इस मीनार का निर्माण किया था, जिस वजह से इसका नाम ‘लंका मीनार’ रखा गया। मथुरा प्रसाद एक कलाकर के रूप में ज्यादातर रावण का किरदार करते थे। ऐसा कहा जाता है कि रावण की भूमिका ने उनपर इतनी बड़ी छाप छोड़ी कि उन्होंने रावण की याद में एक मीनार बनवा डाली। लंका मीनार को बनाने में 20 साल का समय लगा था। टॉवर की ऊंचाई 210 फीट है। इस मीनार को बनाने में उस समय लगभग 1 लाख 75 हजार का खर्चा आया था।

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कुंभकरण और मेघनाथ की मूर्तियां भी हैं स्थापित

यहां कुंभकरण और मेघनाथ की बड़ी मूर्तियां भी स्थापित की गई है। कुंभकरण की मूर्ती 100 फीट ऊंची है, तो वहीं मेघनाथ की मूर्ती 65 फीट है। यहां आप भगवान शिव के साथ-साथ चित्रगुप्त की मूर्ति को भी देख सकते हैं। यहां 180 फीट लंबी नाग देवता की भी मूर्ती को स्थापित किया गया है।

क्यों नहीं जा सकते इस मीनार में बहन-भाई

लंका मीनार को लेकर एक अजीब मान्यता ये भी है कि यहां मीनार में भाई बहन एक साथ ऊपर नहीं जा सकते हैं। असल में, मीनार के ऊपर जाने के लिए 7 परिक्रमाओं को पूरा करना पड़ता है, जिसे भाई-बहन द्वारा पूरा नहीं किया जा सकता। यही कारण कि मीनार के ऊपर एक साथ भाई बहनों का जाना मना है। इसे मान्यता को आप भी कुछ कह लें, लेकिन स्थानीय लोगों द्वारा इसका पालन सालों से किया जा रहा है।

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