रविवार, नवम्बर 27, 2022
Advertisement
होमIndia Newsकानपुर हिंसा: शहर काजी ने दिया भड़काऊ बयान, कानपुर में बुलडोजर चला...

कानपुर हिंसा: शहर काजी ने दिया भड़काऊ बयान, कानपुर में बुलडोजर चला तो कफन बांधेंगे…

कानपुर। यूपी के कानपुर में 3 जून को हिंसा करने के 12 और आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 50 हो गई है। यही नहीं इस मामले में 16 साल के एक नाबालिग आरोपी ने खुद ही कर्नलगंज पुलिस थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया। पुलिस ने सोमवार को ही हिंसा के 40 आरोपियों के पोस्टर चैराहों पर लगाए थे। इसके साथ ही पुलिस ने चेतावनी दी थी कि इन लोगों को सरेंडर करना होगा और यदि वे पुलिस के समक्ष पेश नहीं होते हैं तो फिर उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जा सकता है। इसी बीच कानपुर शहर के काजी मौलाना अब्दुल कुद्दूस हादी ने कहा है कि पुलिस इस मामले में एकतरफा ऐक्शन ले रही है। यही नहीं उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह से ऐक्शन हुआ और बुलडोजर चलाने जैसा ऐक्शन हुआ तो लोग कफन बांध मैदान में आएंगे।

यह भी पढ़े :- पैगंबर पर बयान पर बवाल, जानिए किस मुस्लिम देश ने क्या कहा

प्रिंटिंग प्रेस मालिक को हिरासत में लिया

पुलिस ने इस मामले में 8 फेसबुक और ट्विटर यूजर्स को भी अरेस्ट कर लिया है, जिन्होंने कानपुर से जुड़े मसले आपत्तिजनक ट्वीट किए थे। यही नहीं पुलिस ने बाजार बंद की अपील करने वाले पर्चे छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस के मालिक को भी हिरासत में लिया है। फिलहाल उससे नजीराबाद पुलिस थाने में पूछताछ हो रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिेए उन लोगों की पहचान की है, जो पत्थरबाजी और हिंसा में शामिल थे। इस हिंसा में 20 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे।

यूपी पुलिस ने दूसरी बार की है ऐसी कार्रवाई

यूपी पुलिस की ओर से हिंसा के आरोपियों की तस्वीरें छापे जाने का यह दूसरा मामला है। इससे पहले नागरिक संशोधन अधिनियम के मामले में 2020 में हिंसा हुई थी और तब भी पुलिस ने आरोपियों की तस्वीरें छपवाई थीं। कानपुर के परेड, नई सड़क और यतीमखाना इलाके में 3 जून को जुमे की नमाज के बाद हिंसा भड़क गई थी। दरअसल मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग बाजार बंद कराने की कोशिश कर रहे थे। इसका कुछ लोगों ने विरोध किया, जिस पर हिंसा भड़क गई और पथराव होने लगा। पुलिस मौके पर स्थिति शांत कराने के लिए पहुंची तो उपद्रवी उस पर ही पत्थर बरसाने लगे थे।

नूपुर शर्मा के बयान के विरोध में किया था उपद्रव

दरअसल यह हिंसा 26 मई को भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर दिए गए बयान के चलते भड़की थी। देखते ही देखते यह हिंसा बीकनगंज, अनवरगंज और मूलगंज इलाकों में फैल गई थी। इस दौरान पत्थरबाजी हुई थी और गोलियां भी चली थीं। गौरतलब है कि पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी के चलते सऊदी अरब, कतर, कुवैत, ईरान, ओमान, लीबिया, मालदीव, इंडोनेशिया जैसे देशों ने भारत से विरोध जताया है।

यह भी पढ़े :- विवादित बयान पर बीजेपी ने की बड़ी कार्रवाई, नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल सस्पेंड

नुपुर शर्मा ने अपना बयान वापस लिया

पार्टी द्वारा एक्शन लिए जाने के बाद नुपुर ने अपना विवादित बयान वापस लिया था। उन्होंने दावा किया था कि भगवान शिव के लगातार मजाक उड़ाए जाने और उनका अपमान होता देख उन्होंने ऐसी प्रतिक्रिया दे डाली थी। नुपुर ने स्पष्ट कहा था कि अगर उनके बयान से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हों तो वह क्षमा मांगती हैं।

RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

Recent Comments