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बंगाल के राज्यपाल NDA के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार : जगदीप धनखड़ का झुंझुनूं से हैं रिश्ता

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को शनिवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की संसदीय बोर्ड की बैठक में धनखड़ को एनडीए का उम्मीदवार बनाए जाने का फैसला हुआ। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धनखड़ को किसान का बेटा और संविधान का जानकार बताया और उम्मीद जताई कि वह राज्यसभा के सभापति के रूप में उत्कृष्ट साबित होंगे।

धनखड़ राजस्थान के झुंझुनूं के रहने वाले हैं। दिल्ली में भाजपा संसदीय बोर्ड की मीटिंग में यह फैसला हुआ। इसके बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने धनखड़ के नाम का ऐलान किया। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्‌डा समेत तमाम नेता शामिल हुए।
धनखड़ को NDA का उपराष्ट्रपति उम्मीदवार चुने जाने के बाद PM नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘खुशी है कि जगदीप धनखड़ हमारे (NDA) के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे। मुझे यकीन है कि वे राज्यसभा में उत्कृष्ट अध्यक्ष होंगे और राष्ट्रीय प्रगति को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सदन की कार्यवाही का मार्गदर्शन करेंगे।’ वहीं धनखड़ ने उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जाने पर प्रधानमंत्री का आभार जताया है।

राजस्थान के जाट नेता हैं धनखड़

भाजपा के जाट नेता जगदीप धनखड़ राजस्थान के झुंझुनूं के रहने वाले हैं। 70 साल के जगदीप धनखड़ को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 30 जुलाई 2019 को बंगाल का 28वां राज्यपाल नियुक्त किया था। उनकी छवि लोगों के दिल पर राज करने वाले राज्यपाल के रूप में रही है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में लम्बे समय तक लोगों की सेवा की है। वे 1989 से 1991 तक राजस्थान के झुंझुनू से लोकसभा सांसद रहे। 1989 से 1991 तक वीपी सिंह और चंद्रशेखर की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे।

मुख्तार अब्बास नकवी को कैंडिडेट बनाने की थीं अटकलें

इससे पहले, 6 जुलाई को केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कैबिनेट से इस्तीफा दिया था। उनका राज्यसभा कार्यकाल गुरुवार 7 जुलाई को खत्म हो रहा था। इस्तीफे के बाद से नकवी को उपराष्ट्रपति कैंडिडेट बनाए जाने की चर्चा थी। नकवी को भाजपा ने पिछले दिनों हुए राज्यसभा के चुनाव में उम्मीदवार नहीं बनाया था, तब से ही कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी उन्हें किसी बड़ी भूमिका में लाना चाहती है।

देश के उपराष्ट्रपति को चुनने के लिए निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल होते हैं। संसद में सदस्यों की मौजूदा संख्या 780 है, जिनमें से केवल बीजेपी के 394 सांसद हैं। जीत के लिए 390 से अधिक मतों की आवश्यकता होती है।

मौजूदा उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त होगा। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 19 जुलाई है और मतदान 6 अगस्त को निर्धारित है। एनडीए ने 2017 में उपराष्ट्रपति पद के लिए तत्कालीन केंद्रीय मंत्री नायडू को अपना उम्मीदवार बनाया था।

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