शुक्रवार, दिसम्बर 2, 2022
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पेट्रोल-डीजल हो सकते हैं महंगे : 10 से 14 रुपए/लीटर तक हो रहा नुकसान, 2 साल में पहली बार दर्ज हुआ घाटा

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल फिर महंगे हो सकते हैं। इसकी वजह तेल कंपनियों को हो रहा नुकसान है। इंडियन ऑयल ने बताया है कि उसे पेट्रोल-डीजल बेचने पर 10 से 14 रुपए लीटर तक नुकसान हो रहा है। इसकी वजह महंगा कच्चा तेल है। इस घाटे की भरपाई करने के लिए तेल कंपनियां रेट बढ़ा सकती हैं। PTI की एक रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने अप्रैल-जून तिमाही के दौरान पेट्रोल और डीजल 10 रुपए और 14 रुपए प्रति लीटर के नुकसान पर बेचा। इस कारण 2 साल में पहली बार IOC ने तिमाही घाटा दर्ज किया है।

IOC ने अप्रैल-जून में 1,992.53 करोड़ रुपए का नेट लॉस दर्ज किया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में नेट प्रॉफिट 5,941.37 करोड़ रुपए और जनवरी-मार्च तिमाही में 6,021.9 करोड़ रुपए था। ऐसे में आने वाले दिनों में कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ा सकती है। सरकारी तेल कंपनियां IOC, BPCL और HPCL ने पिछले साल उत्तर प्रदेश समेत कुछ अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले फ्यूल रेट रिवाइज करना बंद कर दिया था। करीब 137 दिन बाद मार्च-अप्रैल में कुल 14 बार दाम बढ़ाए गए। कुल मिलाकर इस दौरान दामों में 10 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई। हालांकि उसके बाद मई में सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए पेट्रोल पर 8 और डीजल पर 6 रुपए एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी। इससे पेट्रोल के दाम 9.5 रुपए और डीजल 7 रुपए सस्ता हो गया था।

कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब

बता दे कि रूस-यूक्रेन जंग के कारण कच्चे तेल के दामों में भारी अस्थिरता बनी हुई है। कच्चा तेल लंबे समय से 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है। इस कारण भारतीय कंपनियों को भी महंगा कच्चा तेल इंपोर्ट करना पड़ रहा है।

घाटे में तेल बेच रही कंपनियां

अप्रैल-जून क्वार्टर में भारत में कच्चे तेल का इंपोर्ट औसतन 109 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर था, लेकिन रिटेल पंप की पेट्रोल-डीजल के दाम लगभग 85-86 डॉलर प्रति बैरल के हिसाब से थीं। इससे कंपनियों को नुकसान हुआ।

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