बुधवार, अगस्त 10, 2022
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राजीव गांधी से लिंकन तक: वो हत्याएं जिनसे दहल गई दुनिया, किसी को गोली मारी तो किसी के धमाके में चीथड़े उड़े

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे (Japan Ex-PM Shinzo Abe Shot) की शुक्रवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। शिंजो आबे को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में गोली मारने की घटना ने दुनिया को हिला दिया है। आबे नारा शहर में इलेक्शन कैंपेन के दौरान स्पीच दे रहे थे। 42 साल के हमलावर ने पीछे से फायरिंग की। सार्वजनिक सभा में वैश्विक नेताओं पर जानलेवा हमले या उनकी हत्या का ये कोई पहला मामला नहीं है। राजनीतिक हत्याओं का पुराना इतिहास रहा है। यहां तक की कई प्रधानमंत्री भी हत्या के शिकार बन चुके हैं। आईए जानते हैं वो कौन से ग्लोबल और लोकप्रिय नेता हैं, जिनकी सरेआम हत्या की गई।

आर्चड्युक फर्डिनेंड

आर्चड्युक फर्डिनेंड ऑस्ट्रिया-हंगरी साम्राज्य के उत्तराधिकारी थे। 28 जून 1914 को वह पत्नी होहेनबर्ग संग बोस्निया स्थित साराएवो के दौरे पर थे। इसी दौरान उनकी और उनकी पत्नी की एक सार्वजनिक कार्यक्रम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या को प्रथम विश्व युद्ध की पहली चिंगारी माना जाता है।

महात्मा गांधी

मोहनदास करमचंद गांधी, जिन्हें पूरी दुनिया में सम्मान से महात्मा गांधी पुकारा जाता है की हत्या 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली स्थित बिड़ला भवन में गोली मारकर की गई थी। वह प्रतिदिन यहां प्रार्थना किया करते थे। एक शाम को वह प्रार्थना के लिए जा रहे थे, तभी नाथूराम गोडसे ने उनका पैर छूने के बाद उन्हें तीन गोली मारी थी। उस वक्त वहां काफी संख्या में लोग मौजूद थे।

जॉन एफ कैनेडी

जॉन एफ. कैनेडी, अमेरिका के सबसे लोकप्रिय राष्ट्राध्यक्षों में से एक हैं। कैनेडी अमेरिका के 35वें और दूसरे सबसे युवा राष्ट्रपति थे, जिन्होंने वर्ष 1961 में 43 वर्ष की आयु में यूएस की सत्ता संभाली। 22 नवंबर 1963, कैनेडी की उत्तरी टेक्सास के डलास शहर में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस वक्त वह पत्नी जैकलीन कैनेडी, टेक्सास के गवर्नर जॉन बी. कॉनली और उनकी पत्नी नेली कॉनली के साथ भारी सुरक्षा के बीच खुली कार में दौरा कर रहे थे। दोपहर करीब 12:30 बजे उनका काफिला एक प्लाजा के पास पहुंचा, तभी उन पर तीन राउंड फायरिंग हुई। हमले में राष्ट्रपति को सिर और गर्दन पर दो गोलियां लगीं थीं। गवर्नर कॉनली भी इस हमले में घायल हुए थे। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां जॉन एफ. कैनेडी का निधन हो गया। हमले के कुछ देर बाद ही सुरक्षाकर्मियों ने हार्वी ओसवाल्ड (Harvey Oswald) नाम के युवक को गिरफ्तार कर लिया था। उनकी मौत का रहस्य आज भी बरकरार है।

अब्राहम लिंकन

अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन का कार्यकाल 1861 से 1865 में उनके निधन तक रहा। 15 अप्रैल 1865 को अब्राहम लिंकन को जब गोली मारी गई, वो वाशिंगटन के फोर्ड थियेटर में अवर अमेरिक कजिन नाटक देख रहे थे। उनकी हत्या, उस वक्त थियेटर में मौजूद एक नाट्यकर्मी जॉन वाइक्स बूथ ने सिर के पीछे गोली मार की थी। माना जाता है कि बूथ को राजनीतिक तौर पर हत्या के लिए उकसाया गया था। अमेरिकी सेना ने 10 दिन हत्यारोपी को वर्जीनिया के एक फॉर्म हाउस में मुठभेड़ में मार गिराया।

मार्टिन लूथर किंग

मार्टिन लूथर किंग की 4 अप्रैल 1968 को उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मार्टिन लूथर किंग, अमेरिका में अश्वेतों के अधिकार की लड़ाई लड़ने वाले प्रमुख नेता रहे हैं। उन्हें अमेरिका का गांधी भी कहा जाता है। शांति के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्होंने अपने भाषण में भी रंगभेद का मुद्दा उठाया था।

ओलोफ पाल्मे

ओलोफ पाल्मे स्वीडन की डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता था। 14 अक्टूबर 1969 से 8 अक्टूबर 1976 तक वह दो बार स्वीडन के प्रधानमंत्री बने। 28 फरवरी 1986 को सेंट्रल स्टॉकहोम स्ट्रीट पर उस वक्त उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह पत्नी और बेटे के साथ सिनेमाघर से वापस लौट रहे थे। उस वक्त इनके साथ सुरक्षाकर्मी नहीं थे। पाल्मे अक्सर सुरक्षाकर्मियों के बिना बाहर निकल जाते थे। एक दिन हमलावर ने एक गोली ओलोफ पाल्मे को मारी और दूसरी गोली उनकी पत्नी लिसबेथ पाल्मे (Lisbeth Palme) को मारी थी।

शेख मुजीबुर्रहमान

शेख मुजीबुर्रहमान को बांग्लादेश का जनक भी कहा जाता है। बांग्लादेश के प्रथम राष्ट्रपति शेख मुजीबुर्रहमान की 15 अगस्त 1975 को राष्ट्रपति भवन में ही परिवार सहित हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड को बांग्लादेश सेनावाहिनी (बांग्लादेश की सेना) के युवा समूह ने अंजाम दिया था। उनकी हत्या के सैनिक तख्तापलट के मकसद से की गई थी।

इंदिरा गांधी


भारत की पहली प्रधानमंत्री महिला इंदिरा गांधी की हत्या 31 अक्टूबर 1984 को नई दिल्ली के सफदरजंग रोड स्थित उनके सरकारी आवास पर की गई थी। सुबह करीब साढ़े नौ बजे वह अपने आवास के लॉन में निकली थीं। तभी उनके सिख अंगरक्षकों सतवंत सिंह और बेअंत सिंह ने उन पर गोलियां बरसा दीं। उस वक्त सिखों में ऑपरेशन ब्लू स्टार और इस दौरान स्वर्ण मंदिर पर की गई सैन्य कार्रवाई से काफी नाराजगी थी। इसी वजह से सिख अंगरक्षकों ने उनकी हत्या की थी।

राजीव गांधी

इंदिरा गांधी और फिरोज गांधी के बड़े पुत्र राजीव गांधी पेशे से पायलट थे। छोटे भाई संजय गांधी की हवाई दुर्घटना में मृत्यु के बाद वर्ष 1981 में वह मां इंदिरा गांधी को सहयोग करने के लिए राजनीति में आए। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद वह प्रधानमंत्री बने। 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरुमबुदुर (Sriperumbudur) में एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान ‘लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम’ (LTTE) की आत्मघाती महिला आतंकी ने उन्हें बम से उड़ा दिया था।

बेनजीर भुट्टो

पाकिस्तान की 12वीं व 16वीं प्रधानमंत्री रहीं बेनजीर भुट्टो की हत्या 27 दिसंबर 2007 को की गई थी। उस वक्त वह रावलपिंडी में एक राजनीतिक रैली कर रहीं थी। इसी दौरान उन्हें आत्मघाती धमाके और गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। बेनजरी किसी भी मुस्लिम देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं।

यह भी पढ़ें :- जापान के पूर्व PM आबे की गोली मारकर हत्या: भाषण के दौरान पूर्व सैनिक ने पीछे से मारी थी गोली

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