बुधवार, अगस्त 10, 2022
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विभाजन का दर्द: पुश्तैनी घर देखने निकलीं तो रीना की आंखें भर आईं, 75 साल बाद ख्वाहिश हुई पूरी

नई दिल्ली। आजादी के समय भारत-पाकिस्तान (India-Pakistan Issue) का विभाजन हुआ था तो उस समय सैकड़ों-लाखों लोगों को अपने घरों को छोड़ पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा था। इसी में से एक रीना छिब्बर वर्मा (Reena Chhibber Verma) भी थीं, जिनका परिवार पुणे में आकर बस गया था। उस समय वह 14 साल की थीं और अब वही रीना वर्मा रावलपिंडी स्थित अपने घर गई हैं। 90 वर्षीय रीना वर्मा छिब्बर (Reena Chhibber Verma) की मुराद 75 साल बाद पूरी होने जा रही है। पाकिस्तान सरकार ने सद्भावना के चलते रीना वर्मा को पाकिस्तान का तीन माह का वीजा दिया है। अब वो रावलपिंडी में अपने पैतृक घर जा सकेंगी। बता दें, देश छोड़ने के 75 साल बाद रीना शनिवार को वाघा-अटारी सीमा से यहां पहुंची।

1965 से जाने की कर रही हैं कोशिश

दरअसल, महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली रीना वर्मा छिब्बर 75 साल बाद अपने जन्मस्थान पर पहुंची हैं। वे अटारी से होते हुए पाकिस्तान के लिए रवाना हुई हैं। पाकिस्तान सरकार ने सद्भावना के चलते रीना वर्मा को पाकिस्तान का तीन माह का वीजा दिया है। वहां जाने के लिए रीना ने कई बार कोशिश की है और कई बार पाकिस्तान उच्चायोग से वीजा आवेदन किया था। लेकिन सालों से उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिल सकी थी। इतना ही नहीं उन्होंने 1965 में भी ऐसा ही आवेदन किया था लेकिन सफलता नहीं मिली थी।

75 साल बाद अपने जन्मस्थान पर पहुंचीं

जानकारी के मुताबिक कुछ समय पहले पोस्ट अपलोड कर उन्होंने एक बार फिर अपने पैतृक घर जाने की इच्छा जाहिर की थी। यह पोस्ट पाकिस्तानी नागरिक सज्जाद हैदर ने देखी और रीना से संपर्क साधा। उनके कहने पर सज्जाद ने रावलपिंडी स्थित उनके आवास की कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया के जरिए उन्हें भेजी। इसके बाद रीना का संपर्क पाकिस्तान की विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी से हुआ और उन्हें मौका मिल गया।

आगमन पर लोगों ने किया जोरदार स्वागत

फिलहाल अब रीना वर्मा करीब 75 साल बाद जब बुधवार 20 जुलाई को अपने पुराने घर पर पहुंचीं तो उनके आगमन पर उनके पड़ोसियों ने उनपर फूलों की बारिश कर उनका जोरदार स्वागत किया। रीना वर्मा के आगमन पर लोगों ने ड्रम बजाकर उनका स्वागात किया। रीना ने ड्रम की ताल पर लोगों के साथ डांस भी किया। उन्होंने सुबह से लेकर शाम तक अपने घर और पुरानी गलियों में समय व्यतीत किया।

बचपन की यादें ताजा कर हो गईं भावुक

रीना ने अपने माता-पिता और पांच भाई-बहनों के साथ बिताए बचपन की यादों को याद करते हुए कई घंटे अंदर बिताने के बाद उन्होंने कहा कि मैं यह देखकर बहुत खुश हूं कि घर बरकरार है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रीना का जन्म रावलपिंडी में हुआ था। उनका घर देवी कालेज रोड पर था। वहीं के माडर्न स्कूल में शिक्षा हासिल की। उनके भाई और बहन भी उसी स्कूल में शिक्षा प्राप्त की। रीना करीब तीन महीने के लिए वहां गई हैं। उन्होंने कहा कि अब वह अपने तीन माह के पाकिस्तान प्रवास के दौरान अपनी बचपन की यादों को ताजा कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि उनकी कोशिश होगी कि वह रावलपिंडी में अपने घर पहुंच कर अपनी बचपन की यादों को ताजा करते हुए अपने पुराने दोस्तों से मिलेंगी।

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