रविवार, नवम्बर 27, 2022
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उदयपुर हत्याकांड : पुलिस ने सुनाया पूरा घटनाक्रम, हत्यारों के आकाओं ने कहा था-‘कैसे भी करके अजमेर पहुंच जाओ…’

राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल (Udaipur Tailor Kanhaiya Lal Murder Case) की हत्या के मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। उदयपुर में 28 जून 2022 को आतंकियों द्वारा की गई टेलर कन्हैयालाल की हत्या (Tailor Kanhaiya Lal Murder) के हत्यारों रियाज और गौस (Ghaus Mohammad And Riyaz Jabbar) को राजस्थान पुलिस ने महज 5 घंटे में गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस की रिपोर्ट में चौंकाने वाला फैक्ट यह सामने आया कि दोनों को पकड़ने वाली पुलिस टीम के पास डंडों के अलावा कोई हथियार नहीं था। इसके बावजूद पुलिस टीम ने दोनों हत्यारों को दबोच लिया। अगर पुलिस जरा भी चूक जाती तो हत्यारे अजमेर पहुंच जाते और वहां से विदेश। मीडिया ने जब हत्यारों को पकड़ने वाली टीम में शामिल पुलिसकर्मियों से बात की। उन्होंने हत्यारों के फरार होने से लेकर पकड़े जाने तक 5 घंटे का पूरा घटनाक्रम सुनाया।

कन्हैयालाल की हत्या के लिए गौस और रियाज दोनों बाइक लेकर पहुंचे थे। दोनों ने दुकान से 70 मीटर दूर गली के कोने पर बाइक को स्टार्ट ही छोड़ दिया था, ताकि आसानी से फरार हो सकें। जैसे ही मार्केट में मर्डर की खबर फैली तो वहां मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे थे। कन्हैयालाल की हत्या करने के बाद हत्यारों ने अपना रास्ता बदल लिया था। वे उदयपुर से मावली गए। वहां गांवों के रास्तों होते हुए सरदारगढ़, आमेट होते हुए देवगढ़ पहुंच गए। यहां उन्होंने एक मोटर गैराज में ठहरने का इरादा किया था, लेकिन उन्हें मदद नहीं मिली तो दोनों तुरंत भीम के लिए रवाना हो गए थे। उनका अजमेर भागने का प्लान था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया।

कॉन्स्टेबल के पास बंदूक नहीं थी तो हाथ में पत्थर लेकर खड़ा हो गया

सूचना मिलते ही आडा मोड़ पर कॉन्स्टेबल तेजपाल, शौकत, नरेंद्र सहित सात पुलिसकर्मी तैनात हो गए। किसी भी पुलिसकर्मी के पास हथियार नहीं थे, सिर्फ डंडे ही थे। पुलिस को ये भी पता था कि हत्यारों के पास खंजर और दूसरे हथियार भी हो सकते हैं। आरोपियों को आता देख कॉन्स्टेबल तेजपाल ने अपने हाथ में पत्थर उठाया और सड़क के बीच में खड़ा हो गया। सामने कॉन्स्टेबल को देख हत्यारे घबरा गए। बाइक का संतुलन बिगड़ा और दोनों गिर गए तभी पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।

510 रुपए थे, पूरे का पेट्रोल पड़वा दिया

कॉन्स्टेबल तेजपाल ने बताया कन्हैयालाल की हत्या के बाद रियाज और गौस बाइक पर गांवों के रास्ते से भागे। वे पानी पीने के लिए नाथद्वारा रुके। इसके बाद दोनों भीम की तरफ निकल गए। करीब 15 थानों के इलाके को पार करते हुए दोनों गांवों के रास्ते से होते हुए देवगढ़ पहुंचे। उस समय उनके पास सिर्फ 510 रुपए बचे थे। देवगढ़ में एक पेट्रोल पंप से बाइक में उन रुपयों का पेट्रोल डलवा लिया। पंप कर्मचारियों से दोनों का विवाद भी हुआ। विवाद के बाद वे बाइक तेज रफ्तार में लेकर वहां से फरार हो गए। तब तक दोनों का वीडियो वायरल हो चुका था। ताल के रहने वाले भगवान सिंह ने पुलिस को सूचना दी थी कि दो बदमाश उसके पंप से अभी-अभी भागे हैं।

कॉन्स्टेबल ने स्पोर्ट्स बाइक उधार लेकर पीछा किया

कॉन्स्टेबल शौकत ने बताया कि सबसे पहले देवगढ़ थाने से बदमाशों की सूचना मिली। इस पर कॉन्स्टेबल सत्यनारायण और गौतम ने बाइक पर उनका पीछा किया। दोनों बदमाश स्पीड में बाइक दौड़ा रहे थे, जबकि दोनों कॉन्स्टेबल के पास पुरानी बाइक थी। इसी का फायदा उठाकर बदमाश आंखों से ओझल हो गए और कस्बे में घुस गए। इसके बाद कॉन्स्टेबल सत्यनारायण ने परिचित की स्पोर्ट्स बाइक ली और बदमाशों के पीछे दौड़ाई।

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चलती बाइक पर कपड़े बदले

गौस मोहम्मद और रियाज भीम कस्बे से सीधे हाईवे पर आए। बाइक रियाज चला रहा था और गौस पीछे बैठा था। पुलिस को चकमा देने के लिए गौस ने चलती बाइक पर टीशर्ट बदली। कुछ सेकेंड के लिए बाइक रोकी और फिर रियाज ने पीछे बैठकर अपने कपड़े बदले और एक ने हेलमेट पहन लिया तो दूसरे ने चेहरे पर रुमाल बांध लिया। स्पोट्‌र्स बाइक पर पीछा कर रहे कॉन्स्टेबल सत्यनारायण और गौतम को पता था आगे घना जंगल है। अगर हत्यारे वहां तक पहुंच गए तो फिर हाथ से निकल जाएंगे।

उन्होंने बाइक की रफ्तार बढ़ाई और 8 किलोमीटर तक पीछा करते रहे, लेकिन हत्यारे उनकी पहुंच से दूर थे। इसके बाद सत्यनारायण ने आगे पुलिस टीम के साथ नाकाबंदी कर रहे कॉन्स्टेबल शौकत को दोनों के आने की सूचना दी। टीम अलर्ट हो गई।

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बैग में मिले खून से सने दोनों खंजर

दोनों के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने बाइक की तलाशी ली। बाइक के बैग में दोनों खून से सने हुए खंजर मिले। बैग में ही उन्हें कपड़े मिले। इसके बाद पुलिस दोनों को गाड़ी में डालकर चारभुजा थाने ले गई।

हत्या के बाद नाथद्वारा से वायरल किए थे वीडियो

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि कन्हैयालाल की हत्या करने के बाद हत्यारे सीधे एसके इंजीनियरिंग वर्क्स गए थे। वहां उन्होंने ऑफिस में बैठकर हत्या के बाद वाला वीडियो बनाया था। इसके बाद वे भीम के लिए निकल गए। नाथद्वारा से आगे निकलने के बाद उन्होंने हत्या के समय और हत्या के बाद वाले वीडियो वायरल किए थे। उन्होंने पाकिस्तान के वॉट्सऐप ग्रुप में भी वीडियो भेजे।

‘कैसे भी करके अजमेर पहुंच जाओ, वहां से तुम्हें देश से बाहर भिजवा देंगे’

रियाज और गौस ने बताया उनके दो और साथी थे। दोनों ने बताया वे अजमेर जाने वाले थे। वहां से उनके साथी उन्हें विदेश भगा देते। उनके आकाओं ने कहा था- ‘कैसे भी करके अजमेर पहुंच जाओ, वहां से तुम्हें देश से बाहर भिजवा देंगे।’

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