शुक्रवार, दिसम्बर 9, 2022
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Holi Festival: होली के दिन यहाँ दामाद को घुमाया जाता है गधे पर, जाने इस खास परंपरा के बारे में

भारत में होली के त्योहार को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. होली को रंग और गुलाल के नाम से भी जाना जाता है. सदियों से होली के उत्सव को कृष्ण भगवान और राधा जी के प्रेम के रूप में मनाया जाता है. वसंत के मौसम के आगमन से ही होली की शुरुआत हो जाती है. भारत में इस बार होली 17 मार्च और धुलंडी 18 मार्च को मनायी जायेगी.

यहाँ पर सालों से चली आ रही है खास परंपरा:                     

भारत के सभी हिस्सों में होली को अलग-अलग अंदाज से मनाया जाता है. लेकिन आज हम बात कर रहे है, महाराष्ट्र के बीड जिले में स्थित एक गाँव की जहाँ पर पिछले 90 सालों से एक ऐसी परंपरा चली आ रही, जहाँ पर दामाद को गधे पर बैठाकर पूरे गाँव का चक्कर लगवाया जाता है. केज तहसील के विदा गाँव में ये परंपरा काफी समय से चली आ रही है.

परंपरा के अनुसार इस रस्म में उसी दामाद को शामिल किया जाता है जिसकी कुछ दिन पहले ही शादी हुई हो. और इसके लिए गाँव के लोग उस दामाद को ढूंढते है जिसकी अभी शादी हुई हो, इसके बाद वो उस पर नजर बनाए रखते है जिससे वो कहीं छुप ना जाए. उसे इस रस्म में शामिल करने के लिए उसकी चौकसी करी जाती है और उसे गाँव से बाहर नही जाने दिया जाता है.

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कब शुरू हुई ये परंपरा:

गाँव के लोग बताते है की होली के दिन इस परंपरा की शुरुआत आनंदराव देशमुख ने करी थी. इस व्यक्ति का पूरे गाँव में सम्मान था. और इसलिए उन्होंने इसकी शुरुआत खुद के दामाद से करी थी और तभी से ये परंपरा चली आ रही है. दामाद को गधे पर बैठाकर गाँव के बीच से लेकर जाते है और यहाँ बने हनुमान मंदिर पर जा कर नीचे उतारते है. जिस भी नये दामाद को गधे पर बिठाया जाता है उसे शगुन के तौर पर नए कपडे भी दिए जाते है.

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