शनिवार, अगस्त 13, 2022
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2002 Gujarat Riots : गुजरात दंगों पर अमित शाह ने तोड़ी चुप्पी, 20 साल बाद बताया उस दौरान क्या-क्या हुआ

Amit Shah Exclusive Interview : अहमदाबाद। साल 2002 के गुजरात दंगों (Gujarat Riots) पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (HM Amit Shah) ने शनिवार को न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में कई बड़े खुलासे किए। लगभग 40 मिनट तक चले इस इंटरव्यू में शाह (Amit Shah Interview) ने उन सभी बातों पर जोर दिया जिसे गलत ढंग से पेश किया जा रहा था। अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले पर संतोष जताया। अमित शाह ने इस पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पीएम मोदी पर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया। पीएम मोदी पर गलत आरोप लगाए गए थे। ऐसा करने वालों को अब माफी मांगनी चाहिए। क्योंकि पीएम मोदी ने हमेशा ही कानून का साथ दिया।

अमित शाह ने पीएम मोदी को लेकर कहीं ये बातें

गृह मंत्री ने कहा कि 18-19 साल की लड़ाई, देश का इतना बड़ा नेता एक शब्द बोले बगैर सभी दुखों को भगवान शंकर के विषपान की तरह गले में उतारकर सहन कर लड़ता रहा। आज जब अंत में सत्य सोने की तरह चमकता हुआ आ रहा है, तो अब आनंद आ रहा है। अमित शाह ने कहा कि मैनें उन्हें बहुत करीब से एक पीड़ित की तरह दर्द झेलते देखा। केवल एक मजबूत इरादों वाला व्यक्ति ही कुछ न कहने का स्टैंड ले सकता था क्योंकि मामला कोर्ट में विचाराधीन था।

गोधरा में ट्रेन को जलाना दंगे की मूल कारण

गुजरात दंगों के मूल कारण को बताते हुए गृह मंत्री ने कहा कि गुजरात दंगे की मूल वजह गोधरा में ट्रेन का जलाना था। 16 दिन की बच्ची को मैंने उसकी मां की गोद में जलते देखा था। गोधरा की वजह से एक तरह का तनाव था। किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या हो गया। इसके साथ ही किसी तरह का प्रोफेशनल इनपुट भी नहीं था और उसके बाद जो कुछ हुआ वो राजनीतिक तौर पर प्रेरित था। गुजरात दंगों में मुसलमानों के मारे जाने पर अमित शाह ने कहा कि जो जिस रंग का चश्मा पहनता है उसे वैसा ही दिखाई देता है। अगर मुसलमानों के मारे जाने की बात होती है तो गोधरा में ट्रेन में 60 और लोग भी जलाए गए थे। सच तो यह है कि एक तरह से गुजरात सरकार को बदनाम करने की कोशिश की गई।

कोर्ट के आदेश पर एसआईटी का गठन नहीं हुआ था

एसआईटी जांच को लेकर शाह ने कहा कि कि दिल्ली में सेना का मुख्यालय है, जब इतने सारे सिख भाइयों को मार दिया गया, 3 दिन तक कुछ नहीं हुआ। कितनी एसआईटी बनी? हमारी सरकार आने के बाद एसआईटी बनी। ये लोग हम पर आरोप लगा रहे हैं?

अब पत्रकारों और एनजीओ की जिम्मेदारी बनती है

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अब तो उन पत्रकारों और एनजीओ की जिम्मेदारी बनती है कि वो बताएं कि आखिर वो कैसे एक शख्स और पार्टी को बदनाम कर रहे थे। खास तौर पर तीस्ता सीतलवाड़ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वो तो हर थाने और जगहों पर जाती थीं और नरेंद्र ंमोदी के साथ साथ पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की। अब सवाल यह है कि क्या वो अपने आरोपों के लिए माफी मांगेंगी।

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