शनिवार, अगस्त 13, 2022
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गुप्ता ब्रदर्स दुबई में गिरफ्तार, जानिए-यूपी के रहने वाले भाईयों ने कैसे किया अरबों रुपये का घोटाला

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पैदा हुए गुप्ता ब्रदर्स (Gupta Brothers) (राजेश गुप्ता और अतुल गुप्ता ) की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। पहले दक्षिण अफ्रीका (South Africa) से फरार हुए और उसके बाद दुबई में जाकर शिफ्ट हो गए। लेकिन अब दोनों दुबई में भी बुरी तरह से फंस गए हैं। अब गुप्ता ब्रदर्स (Gupta Brothers Scam) की गिरफ्तारी यूएई में की गई है। एक आधिकारिक बयान जारी करके इस बात की पुष्टि की गई है कि राजेश गुप्ता और अतुल गुप्ता (Rajesh Gupta and Atul Gupta) को यूएई में गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि तीसरे भाई अजय को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। यह गिरफ्तारी इंटरपोल द्वारा पिछले साल जुलाई में गुप्ता बंधुओं के खिलाफ नोटिस जारी किए जाने के लगभग एक साल बाद हुई है।

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दरअसल गुप्ता ब्रदर्स पर दक्षिण अफ्रीका में घोटाले करने के गंभीर आरोप लगे थे। आरोप लगने के बाद दक्षिण अफ्रीका की सरकारी एजेंसी ने जांच शुरु की तो गुप्ता ब्रदर्स दक्षिण अफ्रीका छोड़ गए फरार हो गए। गुप्ता ब्रदर्स के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया गया था लेकिन साल 2018 से जारी मामले की जांच के बीच में ही गुप्ता ब्रदर्स दक्षिण अफ्रीका से फरार हो गए। गिरफ्तारी की काफी कोशिशें की गई और अब सफलता भी मिली है और गुप्ता ब्रदर्स को यूएई से गिरफ्तार किया गया है।

कभी दक्षिण अफ्रीका सरकार में थी खास पकड़

गुप्ता ब्रदर्स कहानी की शुरुआत उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से होती है। सहारनपुर के रहने वाले शिवकुमार गुप्ता एक राशन की दुकान चलाया करते थे। शुरुआत में ठीक ठाक आमदनी थी लिहाजा बच्चों को पढ़ाई के लिए वो खुल कर पैसे भी खर्त करते थे। शिवकुमार के तीन बेटे थे जिनमें से एक का नाम अतुल गुप्ता, दूसरे अजय गुप्ता, तीसरे राजेश गुप्ता है। तीनों ही भाइयों का जन्म उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में ही हुआ और फिर शुरुआत पढ़ाई भी सहारनपुर से ही पूरी की। तीनों ही भाइयों की रुचि पढ़ाई की ओर अच्छी खासी थी।
साल 1985 में शिवकुमार ने अपने बेटे अतुल गुप्ता को दक्षिण अफ्रीका आगे की पढ़ाई के लिए भेजा। अतुल ने वहां पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी भी की और नौकरी से अपने साथ-साथ अपने परिवार को भी चलाने लगे। फिर अतुल ने अपने दो और भाइयों को दक्षिण अफ्रीका नौकरी करने के लिए बुला लिया। दक्षिण अफ्रीका में तीनों भाई जब साथ आए तो नौकरी से हटकर एक कारोबार शुरु करने की प्लानिंग की। साल 1993 में तीनों भाइयों ने मिलकर सहारा कंप्यूटर्स की शुरुआत की और तीनों की लगन से सहारा कंप्यूटर्स बहुत ही कम समय में नंबर वन कंप्यूटर कंपनी बनी। इसके बाद तीनों भाई दूसरे क्षेत्र में भी अपनी किस्मत आजमाने लगे। कोल एंड माइनिंग के साथ-साथ गुप्ता ब्रदर्स दक्षिण अफ्रीका में एक अखबार को भी शुरु किया। इसके बाद कई न्यूज चैनल में पैसे लगाए और सरकार के करीबी भी बने। कहा ये भी जाता है तीनों भाइयों का उस वक्त की दक्षिण अफ्रीका के सरकार में उनका अच्छा खासा दखल भी रहता था।

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क्या है मामला ?

साल 2016 से गुप्ता ब्रदर्स के बुरे दिनों की शुरुआत हुई जब दक्षिण अफ्रीका के एक नेता ने गुप्ता ब्रदर्स पर आरोप लगाए कि दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैबक जुमा के करीबी होने का फायदा उठाकर गलत तरीके से कारोबार को फैलाया और दूसरे नेता को वहीं के मंत्री पद दिलवाने का वादा किया। मामला इतना ज्यादा बढ़ गया था कि जैकब जुमा को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। गुप्ता ब्रदर्स पर सरकारी जांच एजेंसी ने जांच बैठाई और फिर तीनों भाई दक्षिण अफ्रीका से फरार हो गए और दुबई शिफ्ट हो गए। गुप्ता ब्रदर्स के खिलाफ जुलाई 2021 में इंटपोल ने रेड नोटिस जारी किया था जिसके बाद मुश्किलें और बढ़ी। अब गुप्ता ब्रदर्स के खिलाफ शिकंजा कसा गया और दो भाइयों की गिरफ्तारी की गई।

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