शनिवार, अगस्त 13, 2022
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First Monkeypox case In Kolkata : भारत में मंकीपॉक्स का संदिग्ध मरीज, यूरोप से कोलकाता लौटे युवक में मिले लक्षण

कोलकाता। दुनियाभर में मंकीपॉक्स का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि सिर्फ एक हफ्ते में ही मंकीपॉक्स के मामलों में 77% इजाफा हुआ है। इसी बीच शुक्रवार को भारत में मंकीपॉक्स का पहला संदिग्ध मरीज पाया गया। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में मंकीपॉक्स का संदिग्ध मरीज पाया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि युवक हाल ही में एक यूरोपीय देश से भारत लौटा है। शुरुआती लक्षणों को देखने के बाद आशंका जताई जा रही है कि यह भारत में मंकीपॉक्स का पहला मामला हो सकता है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा नहीं की गई है।

युवक के शरीर पर उभरे दाने

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि युवक पश्चिम मिदनापुर का रहने वाला है। उसके शरीर पर उभरे हुए दाने व दूसरे लक्षण दिखने के बाद उसे प्राइवेट अस्पताल के आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती कर दिया गया। जांच के लिए मरीज के ब्लड सैंपल्स और दानों में भरे तरल पदार्थ के सैंपल्स नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे भेजे गए हैं। अब टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। फिलहाल युवक के परिवार को भी अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही उन्हें भी जांच रिपोर्ट आने तक आइसोलेशन में रहने के लिए कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि चूंकि छात्र यूरोप से लौटा है, इसलिए वे कोई भी जोखिम नहीं उठा रहे हैं।

इससे पहले भी मिल चुका संदिग्ध मरीज

जून माह की शुरुआत में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक 5 साल की बच्ची में मंकीपॉक्स जैसे लक्षण देखने को मिले थे, जिसके बाद उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया था। हालांकि, बाद में बच्ची की टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई थी, यानी वह मंकीपॉक्स से संक्रमित नहीं थी।

दुनिया में मंकीपॉक्स के मामले 9,000 के पार

दुनियाभर में मंकीपॉक्स का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। Monkeypoxmeter.com के डेटा के मुताबिक, अब तक 71 देशों में 9,109 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से यूरोप में सबसे ज्यादा 7,551 लोग मंकीपॉक्स की चपेट में आए हैं। वहीं, बीमारी से ग्रस्त टॉप 10 देशों में ब्रिटेन, स्पेन, अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, पुर्तगाल, कनाडा, नीदरलैंड्स, इटली और बेल्जियम शामिल हैं।

जानिए मंकीपॉक्स संक्रमण के बारे में

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक मंकीपॉक्स एक वायरल जूनोटिक बीमारी है। दुनिया के कई विकसित देशों में बढ़ती इस बीमारी के मामले चिंताजनक हैं। मंकीपॉक्स संक्रमण किसी संक्रमित व्यक्ति या जानवर के निकट संपर्क के माध्यम से फैलता है, इसके लक्षण 2- 4 सप्ताह तक रह सकते हैं। यह बहुत घातक तो नहीं है पर कई मामलों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण जरूर बन सकता है। गंभीर स्थितियों में इसका मृत्युदर 3-6 फीसदी रिपोर्ट किया गया है।

कैसे की जाए इसकी पहचान?

डब्ल्यूएचओ ने सभी लोगों से मंकीपॉक्स के लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान रखने की अपील की है। संक्रमण की स्थिति में तेज बुखार, सिरदर्द, लिम्फ नोड्स की सूजन, मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी हो सकती है। रोगी के चेहरे और हाथ-पांव पर बड़े आकार के दाने हो जाते हैं। संक्रमण का इनक्यूबेशन पीरियड (संक्रमण होने से लक्षणों की शुरुआत तक) 6 से 13 दिनों का होता है।

इससे बचाव के लिए क्या करें?

भारत अब तक इस संक्रमण से सुरक्षित है। दुनिया के कई देशों में संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीनेशन किया जाता है। मंकीपॉक्स से बचाव के लिए, हाल ही में मध्य और पश्चिम अफ्रीका से लौटे लोगों के संपर्क में आने से बचें। कुछ यूरोपीय देशों में भी इसके मामले बढ़े हैं, इसका भी ध्यान रखा जाए। यूरोपीय देशों से भारत में भी आवागमन जारी है, ऐसे में संभावित खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट किया है।

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