शुक्रवार, अगस्त 19, 2022
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Commonwealth Games 2022 : सेमीफाइनल में भारतीय महिला हॉकी टीम के साथ ‘धोखा’, शूटआउट में बवाल

बर्मिंघम। बॉलीवुड के किंग खान कहे जाने वाले अभिनेता शाहरूख खान की साल 2007 में रिलीज हुई फिल्म ‘चक दे इंडिया’ की तरह भारत के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स में धोखा हुआ। दरअसल, कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए महिला हॉकी के सेमीफाइनल मैच के आखिरी पलों में भारत के साथ यही ‘धोखा’ हुआ। कॉमनवेल्थ गेम्स में हॉकी के आयोजकों की एक गलती के कारण भारतीय टीम को इसका खामियाजा हार के रूप में भुगतना पड़ा।

दरअसल, भारतीय गोलकीपर और कप्तान सविता पूनिया ने पहले शूट को बचा लिया था, लेकिन टाइमर ही चालू नहीं हो सका। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया को उसी शूट को दोबारा लेने का मौका मिला। इस पर उनके खिलाड़ी ने कोई चूक नहीं की और गोल दाग दिया। इससे भारतीय टीम उबर नहीं सकी और भारत की लड़कियां यह मैच पेनल्टी शूटआउट में 0-3 गोल से हार गईं। इसने मैच के बाद कप्तान सविता पूनिया को आंसुओं में भिगो दिया। टीवी पर आधी रात के बाद जागकर मैच देख रहे भारतीयों का दिल भी इस एक गलत फैसले ने तोड़ दिया। लेकिन सविता पूनिया ने दिल जीत लिया है। भारत की ये बेटियां भले ही गोल्ड और सिल्वर मेडल की रेस से बाहर हैं और ब्रॉन्ज का ही मौका उसके पास है, लेकिन अपने इस शानदार खेल से वे ‘मेडल’ जीत चुकी हैं। मैच के बाद #SavitaPunia #Cheating ट्विटर पर ट्रेंड हो रहा है। इसमें सविता की तारीफ के कसीदें हैं, तो दूसरी तरफ इस गलत फैसले के लिए अंपायरों के लिए गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल के इनाम भी हैं।

इस रोमांचक मैच में आखिर हुआ क्या

बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में जबरदस्त प्रदर्शन किया। पहले तीन क्वार्टर तक 1-0 से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने चौथे क्वार्टर में वापसी की और वंदना कटारिया ने 49वें मिनट में गोल दाग स्कोर 1-1 कर दिया। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के सामने भारतीय डिफेंडर्स मुस्तैदी से खड़ी रहीं, जबकि फॉरवर्ड लगातार अटैक करते रहे। नतीजा फुल टाइम तक स्कोर 1-1 से बराबर रहने के बाद मैच पेनल्टी शूटआउट में पहुंचा।

मैच के दौरान भारतीय रक्षापंक्ति ने जबरदस्त खेल दिखाया, लेकिन टीम का भाग्य उसके साथ नहीं था। दरअसल पेनल्टी शूटआउट में ऑस्ट्रेलिया की एम्ब्रोसिया मालोन के शॉट को गोलकीपर सविता पूनिया ने अपनी चपलता से रोक कर टीम के लिए एक बेहतरीन मौका बनाया, लेकिन इस दौरान घड़ी के समय को शुरू ही नहीं किया गया, जिसके कारण अंपायर ने विरोधी टीम को दूसरा मौका दे दिया। इसमें टीम इंडिया की कोई गलती नहीं थी। यहां पूरी तरह से आयोजकों और हॉकी फेडरेशन की जवाबदेही बनती थी, लेकिन बावजूद इसके फैसला ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में रहा और दूसरे मौके में एम्ब्रोसिया मालोन इसे गोल में तब्दिल कर टीम की जीत को सुनिश्चित कर दिया। इस तरह सेमीफाइनल में 0-3 से मिली हार के बाद गोल्ड और सिल्वर मेडल की रेस से बाहर हो गई है। वहीं भारतीय टीम का ब्रॉन्ज मेडल के लिए न्यूजीलैंड के साथ सामना होगा।

हार से हताश हैं सविता पूनिया

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विवादास्पद मैच में भारत को मिली हार के बाद कप्तान सविता पूनिया काफी हताश हो गईं। हालांकि मुकाबले के बाद उन्होंने कहा कि, ‘इस हार से उबरने में हमें थोड़ा समय लगेगा। यह एक करीबी मैच था। हमने कड़ी मेहनत की थी लेकिन अब हमारे पास ब्रॉन्ज मेडल के लिए आखिरी मौका है।’ उन्होंने कहा, ‘एक कप्तान और एक सीनियर खिलाड़ी के तौर पर मेरी यह जिम्मेदारी बनती है कि मैं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर करूं। मैं अब इस हार को भुलाकर चाहती हूं कि टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले के लिए तैयारी करें। ब्रॉन्ज मेडल के लिए यह मैच हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।’

टीम इंडिया के कोच ने जताई नाराजगी

पेनल्टी शूटआउट में विवादित फैसले के कारण भारतीय टीम की कोच जेनेके शॉपमैन ने भी अपनी नाराजगी जताई है। कोच का मानना है कि शूटआउट विवाद के बाद खिलाड़ियों के मनोबल पर इसका असर पड़ेगा। इस गलती के लिए आयोजकों के पास कोई बहाना नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मैं बिल्कुल भी नहीं समझ पा रही हूं कि जब यह गलती सामने आई तो ऑस्ट्रेलिया ने भी इसकी शिकायत नहीं की। हर कोई दूसरे मौके के लिए सहमत था। यहां तक की अंपायर भी नहीं इस चीज को नहीं समझ पाए।’

टीम के कोच ने कहा, ‘यह बहुत ही मुश्किल है, मुझे लगता है कि 1-0 से बढ़त के साथ और गति के साथ आगे बढ़ते हुए, मेरे पास 5 खिलाड़ी थे जो वापसी करा सकते थे लेकिन इस घटना उनका ध्यान भी प्रभावित हुआ। इस पर कोई बहाना नहीं बनाया जा सकता है। यह हमारे लिए बिल्कुल भी मददगार नहीं था।’

ऐसा रहा मैच का हाल

आखिरी मिनटों में वंदना कटारिया के गोल के दम पर शानदार वापसी करने के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम रोमांचक सेमीफाइनल में शूटआउट में ऑस्ट्रेलिया से 0-3 से हार मिली। मैच के दसवें मिनट में ही रेबेका ग्रेइनेर के गोल के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने बढ़त बना ली थी लेकिन इसके बाद गोलकीपर कप्तान सविता पूनिया की अगुवाई में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारतीय रक्षापंक्ति ने ऑस्ट्रेलिया को बांधे रखा। तोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रही भारतीय टीम के लिये बराबरी का गोल 49वें मिनट में सुशीला के पास पर वंदना कटारिया ने किया। विवादित पेनल्टी शूटआउट में भारत के लिये नेहा, नवनीत कौर और लालरेम्सियामी गोल नहीं कर सकीं जबकि ऑस्ट्रेलिया के लिये एम्ब्रोसिया मालोन, एमी लॉटन और कैटलीन नोब्स के शॉट निशाने पर लगे। भारत को पहले क्वार्टर में छह पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन गोल नहीं हो सका। इसके बाद भारतीय रक्षापंक्ति ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलियाई स्ट्राइकरों को कोई मौका नहीं दिया।

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