शुक्रवार, सितम्बर 30, 2022
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Bihar Political Crisis : आज NDA छोड़ सकते हैं नीतीश कुमार : बिहार के सीएम ने बुलाई बैठक, मीडिया से बातचीत और फोन पर रोक

पटना। बिहार में एक बार फिर से नीतीश कुमार पाला बदल सकते हैं। जदयू ने आरसीपी सिंह प्रकरण के बाद मंगलवार को विधायकों और सांसदों की आपात बैठक बुलाई है। बैठक में भाजपा से गठबंधन तोड़ने पर फैसला लिया जा सकता है। वहीं राजद विधायक और कई वरिष्ठ नेता पटना में पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के आवास पर पहुंचे हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए ऐहतियात भी बरते जा रहे हैं। विधायकों को मीडिया से बात करने या मीटिंग में फोन ले जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। इधर, भाजपा सरकार बचाने में जुटी है। गृह मंत्री अमित शाह ने कमान संभाली है। अमित शाह ने सोमवार देर रात नीतीश कुमार से करीब 6 मिनट तक बातचीत की है।

नीतीश के आवास पर जेडीयू के नेताओं का पहुंचना शुरू

जद (यू) एमएलसी कुमुद वर्मा और पार्टी सांसद सुनील कुमार पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर पहुंचे हैं। पार्टी के अन्य नेता भी यहां पहुंच रहे हैं। राज्य में सहयोगी भाजपा के साथ पार्टी की अनबन की खबरों के बीच जदयू आज बैठक करेगा।

उपेंद्र कुशवाहा के बयान से नया ट्विस्ट

दरअसल, उपेंद्र कुशवाहा ने दावा किया है कि बिहार में एनडीए गठबंधन में सब कुछ ठीक चल रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल All Is Well, अभी तक कोई दिक्कत नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में क्या होगा, यह कोई नहीं बता सकता। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार में पीएम बनने की सभी खूबियां हैं। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि NDA में अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हैं। लेकिन देश भर में व्यक्तित्व के रूप में यदि आकलन किया जाए तो आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी PM बनने के योग्य हैं। यह हमारी दावेदारी नहीं है लेकिन नीतीश कुमार PM बनने की हर तरह की योग्यता रखते हैं।

ये है बिहार के राजनीतिक आंकड़े

बिहार विधानसभा में सीटों की कुल संख्या 243 है। यहां बहुमत साबित करने के लिए किसी भी पार्टी को 122 सीटों की जरूरत है। वर्तमान आंकड़ों को देखें तो बिहार में सबसे बड़ी पार्टी राजद है। उसके पास विधानसभा में 79 सदस्य हैं। वहीं, भाजपा के पास 77, जदयू के पास 45, कांग्रेस के पास 19, कम्यूनिस्ट पार्टी के पास 12, एआईएमआईएम के पास 01, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के पास 04 सदस्य हैं। इसके अलावा अन्य विधायक हैं।

अब बिहार में बन रहे हैं नए समीकरण?

वर्तमान में जदयू के पास 45 विधायक हैं। उसे सरकार बनाने के लिए 77 विधायकों की जरूरत है। पिछले दिनों राजद और जदयू के बीच नजदीकी भी बढ़ी हैं। ऐसे में अगर दोनों साथ आते हैं तो राजद के 79 विधायक मिलाकर इस गठबंधन के पास 124 सदस्य हो जाएंगे, जो बहुमत से ज्यादा हैं। इसके अलावा खबर है कि इस गठबंधन में कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी भी शामिल हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस के 19 और कम्यूनिस्ट पार्टी के 12 अन्य विधायकों को मिलाकर गठबंधन के पास बहुमत से कहीं ऊपर 155 विधायक होंगे। इसके अलावा जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के चार अन्य विधायकों का भी उन्हें साथ मिल सकता है।

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