बुधवार, अगस्त 17, 2022
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Kedarnath Dham : केदारनाथ के गर्भगृह में जाकर अब दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु, धामी सरकार ने हटाया प्रतिबंध

देहरादून। उत्तराखंड (Uttarakhand) की पुष्कर सिंह धामी सरकार (CM Pushkar Singh Dhami) श्री केदारनाथ धाम (Kedarnath Temple) के गर्भगृह में तीर्थयात्रियों के प्रवेश पर प्रतिबंध को समाप्त कर दिया है। अब श्रद्धालु गर्भगृह में जाकर बाबा केदारनाथ का दर्शन कर सकेंगे। वहीं, इस बार मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। बता दें कि इस साल गुरुवार (30 जून 2022) की रात तक 9,01,081 श्रद्धालु श्री बदरीनाथ धाम तथा 8,31,600 श्रद्धालु श्री केदारनाथ धाम दर्शन हेतु पहुंचे।

इसके साथ ही मंदिर में दर्शन के समय में भी बदलाव किया गया है। श्री केदारनाथ मंदिर में शुक्रवार (1 जुलाई 2022) से सुबह चार बजे की जगह पांच बजे से दर्शन शुरू हो गया। वहीं, तीन बजे से शाम 4:45 बजे तक भोग-पूजा व सफाई के लिए कपाट रहेगा, जबकि शाम को श्रृंगार पूजा के पश्चात रात्रि 9 बजे कपाट बंद किए जाएंगे।

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) (Badrinath-Kedarnath Temple) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने शनिवार को बताया कि तीर्थयात्रियों की अभूतपूर्व भीड़ को देखते हुए छह मई को सुरक्षा कारणों से यह प्रतिबंध लगाया गया था। अजय ने कहा, ‘मंदिर के गर्भगृह में बहुत सीमित जगह है और तीर्थयात्रियों को इसके अंदर जाने देना जोखिम भरा हो सकता था, इसलिए प्रतिबंध लगाया गया था।

इसका मतलब था कि तीर्थयात्री सभा मंडप से आगे नहीं जा सकते थे, लेकिन प्रतिबंध शुक्रवार को हटा लिया गया।’ मंदिर में प्रतिदिन आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी गिरावट के कारण यह प्रतिबंध हटाया गया है। बीकेटीसी के अध्यक्ष ने बताया कि जब मई में केदारनाथ की यात्रा आरंभ हुई थी, उस समय प्रतिदिन औसतन 16,000-17,000 लोग दर्शन के लिए आते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 2,000-3,000 तीर्थयात्री रह गई है। प्रसिद्ध मंदिर में तीर्थयात्रियों की संख्या में कमी का कारण पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान तथा स्कूल एवं कॉलेज में गर्मी की छुट्टियां समाप्त होने के बाद यात्रियों की संख्या में कमी आना सामान्य है।

अजय ने कहा, ‘हर साल 20 जून के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या में गिरावट दर्ज की जाती है, क्योंकि मानसून के दौरान यात्रा मार्गों में बाधा पैदा होती है।’ उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज में गर्मी की छुट्टियां समाप्त होना भी संख्या में गिरावट का एक और कारण है। उन्होंने कहा, ‘बहरहाल, सितंबर-अक्टूबर के दौरान मौसम साफ होने पर तीर्थयात्रियों की संख्या फिर से बढ़ जाती है।’ केदारनाथ और बद्रीनाथ धामों के कपाट क्रमश: छह और आठ मई को खुलने के बाद से शुक्रवार शाम तक रिकॉर्ड संख्या में 17,39,771 लोग दर्शन कर चुके हैं।

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