मंगलवार, अगस्त 16, 2022
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Amarnath Yatra : साल 1996 में हुई थी अमरनाथ यात्रा में सबसे बड़ी त्रासदी, जानिए कब-कब फटे बादल

जम्मू। अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार शाम को बादल फटने के बाद पानी का ऐसा सैलाब आया कि 15 से ज्यादा श्रद्धालुओं की जान चली गई। घटना शुक्रवार शाम 5 बजकर 30 मिनट पर हुई। जिस समय बादल फटा, उस समय गुफा के पास 10 से 15 हजार श्रद्धालु मौजूद थे। इस घटना में मरने वालों में 3 महिलाएं भी शामिल हैं। 35 से 40 श्रद्धालुओं के अब भी फंसे होने की खबर है। कोई मिट्‌टी में दबा मिला, तो कोई पानी में बह गया। बादल फटने की घटना पवित्र गुफा के एक से दो किलोमीटर के दायरे में हुई। पहाड़ों से तेज बहाव के साथ आए पानी से श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए करीब 25 टेंट और दो से तीन लंगर बह गए।

बारिश से पूरे इलाके में तेजी से पानी भर गया और कई लोग इसकी चपेट में आ गए। कई श्रद्धालु लापता हैं और उनके तेज बहाव में बहने की आशंका है। गांदरबल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सभी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं अलर्ट मोड में हैं। घटना के तुरंत बाद सेना, ITBP, CRPF, BSF, NDRF और SDRF के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम ने रेस्क्यू शुरू कर दिया। NDRF के DG अतुल करवाल ने बताया कि लोगों को सुरक्षित निकालकर कैंपों तक पहुंचाया जा रहा है। घायलों को एयरलिफ्ट करके अस्पताल ले जाया गया है। अमरनाथ यात्रा के दौरान बादल फटने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं।

साल 1969 में भी फटा था बादल

साल 1969 में भी अमरनाथ यात्रा के दौरान इसी तरह बादल फटा था। उस दौरान तो आज की तरह यात्रा प्रबंध नहीं हुआ करते थे। वह करीब दो सप्ताह तक यात्रा मार्ग पर फंसे रहे थे। न खाने को पर्याप्त खाना था और न ही पानी। यह यात्रा के दौरान पहला बड़ा हादसा था। मुझे आज भी याद है कि जुलाई 1969 में यह घटना हुई थी। उस हादसे में करीब 100 श्रद्धालुओं की जान गई।

साल 1996 में गई थी 250 श्रद्धालुओं की जान

अगस्त 1996 की त्रासदी अमरनाथ यात्रा इतिहास में सबसे बड़ी त्रासदी मानी जाती है। उस दौरान भी अमरनाथ गुफा के नजदीक ही बादल फटा था। श्रद्धालु जब बाबा बर्फानी की भक्ति में ली थे, उसी दौरान पानी का तेज बहाव आया और श्रद्धालुओं को अपने साथ बहाकर ले गया। उस दौरान करीब 250 श्रद्धालुओं की चली गई थी।

साल 2015 में बालटाल में फटा था बादल

साल 2015 में बालटाल आधार शिविर के पास बादल फटने से काफी नुकसान हुआ था। इस दौरान लंगरों के अस्थायी ढांचे ध्वस्त हो गए थे और दो बच्चों समेत तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी।

साल 2021 में भी पवित्र गुफा के पास फटा था बादल

जुलाई 2021 के अंतिम दिनों में अमरनाथ गुफा मंदिर के पास बादल फटा था। हालांकि उस समय कोरोना संक्रमण के कारण यात्रा को रद कर दिया था। घटना में किसी के हताहत होने या किसी संपत्ति के नुकसान नहीं हुआ था। यदि यात्रा होती तो उस दौरान भी जानमाल का काफी नुकसान होता।

यह भी पढ़े :- अमरनाथ में बादल फटने की तबाही: 12 वर्षों में तीन बार बादल फटने की घटनाएं, लेकिन पहली बार दिखा ऐसा दर्दनाक मंजर

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