रविवार, नवम्बर 27, 2022
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जानिये जयपुर के अक्षरधाम मंदिर के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य और जानकारियाँ जो आज तक आपने नहीं सुनी होगी

आज हम बात कर रहे है जयपुर में विश्व प्रसिद्ध अक्षरधाम मंदिर की जो की इस तरह के भारत में 9 मंदिर है. इनमे से ही एक मंदिर चित्रकूट वैशाली नगर, जयपुर में बना हुआ है. ये मंदिर भगवान् स्वामी नारायण को समर्पित है, यह मंदिर अपनी सुन्दर वास्तुकला, शानदार मूर्तियों और नक्काशी के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है. इस मंदिर के दर्शन करने के लिए भारत समेत विश्वभर के श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते है, और इसकी सुन्दरता को देखकर मोहित हो जाते है. अक्षरधाम मंदिर भारत के 9 प्रमुख शहरों में बने हुए है, इस मंदिर का निर्माण बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोतम स्वामीनारायण ने करवाया है, जोकि स्वामीनारायण संम्प्रदाय के तहत बने है.

Akshar Dham Temple Jaipur

जयपुर शहर में घुमने आने वाले पर्यटकों के लिए ये एक शानदार जगह है. आगे हम आप को इस मंदिर से जुडी प्रत्येक जानकारी देंगे-

  1. अक्षरधाम मंदिर के बारे में कोई पौराणिक इतिहास नही है बल्कि ये तो आधुनिक युग का मंदिर है जिसकी शरुआत 19वी और 20वी सदीं में करी गयी थी. और इस मंदिर में भगवान् स्वामी नारायण की मूर्ति को विराजमान किया गया था. इसमें पूजा का स्थान नर नारायण देव गाडी के अंतर्गत आता है जो दो प्रमुख भागों में से एक है, और ये एक सम्प्रदाय का निर्माण करती है. आप को बता दे की अक्षरधाम मंदिर का मुख्यालय गुजरात के अहमदाबाद में (श्री स्वामी नारायण मंदिर) में बना हुआ है.
  2. वास्तुकला –

अगर बात करे अक्षरधाम मंदिर की वास्तुकला के बारे में तो ये मंदिर शानदार मूर्तियों, और नक्काशी के लिए दुनियाभर में जाना जाता है. इस मंदिर का प्रांगण हरे-भरे बागानों और सुन्दर फव्वारों से घिरा हुआ है. इस मंदिर के निर्माण में सफ़ेद-लाल पत्थर का प्रयोग किया गया है, और इनको देखने पर मन एकदम शांत हो जाता है. इसके प्रांगन में तीन मंडप बने हुए है, हरि मंडप, विभूति मंडपम और प्रसादी मंडपम.

इसके हरि मंडपम में स्वामी नारायण भगवान् की साथ फुट की एक बहुत ही सुन्दर मूर्ति बनी हुई है जिसे सोने और चांदी के आभूषणों से सजाया गया है.

दुसरे मंडपम, विभूति मंडपम में पीतल के कमल है, जबकि प्रसादी मंडपम में भगवान् स्वामी नारायण के पवित्र अवशेष रखे हुआ है. इनके अतिरिक्त इसके परिसर में एक छोटा कैफ़े और बच्चो के लिए एक खेल का मैदान बना हुआ है.

जयपुर अक्षरधाम मंदिर में दर्शन करने का समय सुबह 7.30 से दोपहर 12.00 बजे तक और शाम को 4.00 बजे से 8.15 तक खुला रहता है जबकि प्रत्येक सोमवार को मंदिर बंद रहता है.

जयपुर के अक्षरधाम मंदिर में आने के लिए अक्टूबर और फरवरी माह के बीच अच्छा मौसम रहता है. इसका कारण है क्यों की गर्मियों में जयपुर की यात्रा करना उतना सही नहीं है क्यों की गर्मियों में यहाँ का तापमान 40 डिग्री के लगभग रहता है. इस मंदिर का प्रमुख आकर्षण का केंद्र इसके प्रांगन में दिखाईदेने वाली घास की कटिंग है, यहाँ पर घास का बना हुआ एक स्वास्तिक है जिसके ऊपर एक घास का ही कलश बनाया गया है, जोकि यहाँ आने वाले सभी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है. इसके साथ ही इस मंदिर की बनावट और नक्काशी सभी का ध्यान अपनी ओर खींचती है.

TPV News Desk
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