बुधवार, अगस्त 10, 2022
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Agneepath Scheme : कई राज्यों में ‘अग्निपथ’ पर भड़के युवा: रोहतक में छात्र ने दी जान

नई दिल्ली। सेना भर्ती को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लाई गई अग्निपथ योजना को लेकर विरोध दूसरे दिन गुरुवार को भी और उग्र हो गया है। अग्निपथ योजना को लेकर देश के कई राज्यों में विरोध देखा जा रहा है। विरोध का सबसे ज्यादा असर बिहार में देखा जा रहा है। हरियाणा के रोहतक में इस योजना के विरोध में एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। वहीं युवाओं ने हरियाणा में भी गुरुग्राम-जयपुर हाईवे को जाम कर दिया है। कई जगह युवा रेलवे ट्रैक पर भी उतरे हैं और ट्रेनों की आवाजाही को रोक दिया है। बिहार के कई स्टेशनों पर ट्रेन पर पथराव किया गया है। सेना में भर्ती के लिए लाई गई ’अग्निपथ योजना’ के विरोध में बिहार के जहानाबाद, बक्सर में छात्रों ने बवाल किया है। वहां छात्रों ने सड़कों को जाम किया और आगजनी की।

बिहार में ट्रेन में लगाई आग

सेना भर्ती को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लाई अग्निपथ योजना को लेकर आक्रोश इतना भड़क गया कि युवाओं ने कैमूर में एक ट्रेन में आग लगा दी है। हालांकि इस दौरान पुलिस सतर्क दिखी और आनन-फानन में आग को बुझाया गया नहीं तो कोई बड़ी घटना घट सकती थी।

राजस्थान में युवाओं ने किया प्रदर्शन

राजस्थान में युवाओं ने अग्निपथ योजना का विरोध किया। बड़ी संख्या में जयपुर के कालवाड़ क्षेत्र में जुटे और दिल्ली-अजमेर हाईवे जाम कर दिया। एक घंटे से भी ज्यादा देर तक प्रदर्शनकारी हाईवे पर डटे रहे। इससे दोनों तरफ करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। बाद में पुलिस ने युवाओं को समझाकर मामला शांत कराया।

गुरुग्राम में हाईवे जाम

अग्निपथ योजना का विरोध हरियाणा के गुरुग्राम में भी हो रहा है। गुरुग्राम में दिल्ली-जयपुर हाइवे को जाम किया गया है। वहीं युवाओं ने बिलासपुर थाना क्षेत्र से लगते एनएच 48 को भी जाम कर दिया है। युवाओं का कहना है कि पिछले तीन साल से फौज में भर्ती नहीं की गई है और अब सिर्फ 4 साल की भर्ती की जाएगी।

दिल्ली में भी प्रदर्शन

अग्निपथ योजना का दिल्ली-एनसीआर में भारी विरोध हो रहा है। जहां गुरुवार को छात्रों ने सड़कों पर जाम लगा दिया वहीं दिल्ली के नागलोई इलाके में छात्रों ने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया।

बिहार में एनएच 83 पर आगजनी

छात्रों ने जहानाबाद में एनएच 83 पर आगजनी करते हुए विराध जताया। इस कारण यहां थोड़ी देर के लिए यातायात व्यवस्था बाधित रही। छात्रों के विरोध के चलते गया-पटना मुख्य मार्ग पर आवागमन थोड़ी देर के लिए प्रभावित हुआ।

बिहार के मुंगेर में भी भारी विरोध

अग्निपथ योजना के विरोध में मुंगेर में भी प्रदर्शन देखने को मिला। यहां छात्रों ने साफियासराय चैक को जाम कर दिया। इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने आगजनी भी की। इससे एनएच और जमालपुर मुंगेर रोड पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

सहरसा में रेलवे ट्रैक पर पहुंचे प्रदर्शनकारी

सहरसा जिला में तो प्रदर्शनकारी इस योजना को रद्द करने के लिए रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए। इससे दो एक्सप्रेस ट्रेनें स्टेशन पर ही खड़ी रहीं। यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

चार साल बाद हम कहां जाएंगे?: छात्र

अग्निपथ योजना का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती पहले की तरह की जाए, टूर ऑफ ड्यूटी (टीओडी) को वापस लिया जाए और परीक्षा पहले की तरह आयोजित की जाए। कोई भी सेना में सिर्फ 4 साल के लिए नहीं जाएगा। वहीं जहानाबाद में प्रदर्शन कर रहे एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि केवल 4 साल काम करने के बाद हम कहां जाएंगे? 4 साल की सेवा के बाद हम बेघर हो जाएंगे। इसलिए हमने सड़कों को जाम कर दिया है, देश के नेताओं को अब पता चल जाएगा कि लोग जागरूक हैं। वहीं एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। महीनों के प्रशिक्षण और छुट्टी के साथ 4 साल की सेवा कैसी होगी? सिर्फ 3 साल के प्रशिक्षण के बाद हम देश की रक्षा कैसे करेंगे? सरकार को वापस लेनी होगी यह योजना।

क्या है अग्निपथ योजना?

बता दे कि सेना भर्ती को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लाई गई ‘अग्निपथ भर्ती योजना’ के तहत युवाओं को चार साल की अवधि के लिए सेना में शामिल होने का मौका मिलेगा। साढ़े 17 साल से 21 साल के युवा लड़के और लड़कियां इसके लिए पात्र होंगे। इसके लिए 10वीं से लेकर 12वीं तक के छात्र आवेदन कर सकेंगे। इसकी शुरुआत 90 दिन के भीतर हो जाएगी। इस साल 46 हजार अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी। पहली भर्ती प्रक्रिया में युवाओं को छह महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग का समय भी चार साल में शामिल होगा।
हर अग्निवीर को भर्ती के साल 30 हजार महीने तनख्वाह मिलेगी। इसमें से 70 फीसदी यानी 21 हजार रुपये उसे दिए जाएंगे। बाकी 30 फीसदी यानी नौ हजार रुपये अग्निवीर कॉर्प्स फंड में जमा होंगे। इस फंड में इतनी ही राशि सरकार भी डालेगी। दूसरे साल अग्निवीर की तनख्वाह बढ़कर 33 हजार, तीसरे साल 36.5 हजार तो चैथे साल 40 हजार रुपये हो जाएगी। चार साल में उसकी कुल बचत करीब 5.02 लाख रुपये होगी। वहीं सरकार की ओर से भी इतनी ही रकम जमा की जाएगी। नौकरी पूरी होने के बाद उसे ये रकम ब्याज सहित मिलेगी। जो करीब 11.71 लाख रुपये होगी। ये रकम टैक्स फ्री होगी।

सेवा के दौरान शहीद होने या दिव्यांग होने पर आर्थिक मदद का प्रावधान भी है। अगर कोई अग्निवीर देश सेवा के दौरान शहीद हो जाता है तो उसे सेवा निधि समेत एक करोड़ से ज्यादा की राशि ब्याज समेत दी जाएगी। इसके अलावा बची हुई नौकरी का वेतन भी दिया जाएगा। अगर कोई जवान ड्यूटी के दौरान डिसेबिल यानी दिव्यांग हो जाता है तो उसे 44 लाख रुपये तक की राशि दी जाएगी और बची हुई नौकरी का भी वेतन दिया जाएगा। चार साल की नौकरी के बाद युवाओं को सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा। जो 11.71 लाख रुपए होगा।

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