बुधवार, अगस्त 10, 2022
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सिद्धू मूसेवाला की हत्या के तार शेखावाटी से जुड़े, क्या अहसान उतारने के लिए गैंगस्टर ने बनाई थी योजना!

जयपुर। पंजाब के मशहूर सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में नया मोड़ सामने आया है। सिद्धू मूसेवाला की हत्या के तार राजस्थान के शेखावाटी इलाके से बताए जा रहे है। सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश बदमाशों ने 7 दिनों तक पूरी प्लानिंग के साथ रची थी। बदमाशों ने सिद्धू मूसेवाला के आने-जाने से लेकर उसकी पूरी रैकी की थी। सिद्धू मूसेवाला की हत्या की पूरी योजना राजस्थान के सीकर में ही की गई। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हत्या की प्लानिंग में सीकर के कई बदमाश शामिल थे। हत्या में शामिल 6 बदमाशों में से 5 पंजाब और 1 सीकर का था। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल गाड़ी भी सीकर की थी। सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जांच में एसआईटी की टीमें राजस्थान में मामले की जांच में जुटी हैं। लॉरेंस बिश्नोई का राजस्थान में बड़ा नेटवर्क है। जयपुर, जोधपुर के अलावा सीकर, चूरू, झुंझुनूं, नागौर, बीकानेर में भी लॉरेंस का बड़ा नेटवर्क है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या के लिए प्रदेश के ही कई गैंगस्टर्स से बात की थी। सुत्रों के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई ने गैंग के कई लोगों को मैसेज भिजवाया था- जिसमें कहा गया है कि बड़ा काम देना है, जल्दी कॉन्टेक्ट करो। कई गैंगस्टर्स ने ये काम करने से मना कर दिया, लेकिन सीकर का गैंगस्टर सुभाष बराल पुराना एहसान उतारने के लिए काम करने को तैयार हो गया।

पुराना अहसान उतारने के लिए सुभाष बराल ने काम करने की हामी भरी

सुत्रों के मुताबिक, लॉरेंस ने बराल पर हत्या की प्लानिंग के लिए दबाव बनाया था। सुभाष बराल अपना पुराना अहसान उतारने के लिए ही मूसेवाला के हत्या के लिए राजी हो गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सुभाष बराल ने ही सीकर से गाड़ी और शूटर्स के रुकने की व्यवस्था करवाई थी। मर्डर की पूरी प्लानिंग सीकर में की गई थी। इसके बाद बदमाशों ने 7 दिनों तक आने-जाने से लेकर मूसेवाला की पूरी रैकी की थी। पुलिस को एक गाड़ी मिली है, जो सीकर में ही फतेहपुर के राकेश के नाम से रजिस्टर्ड है। उसके बाद गाड़ी आगे बेच दी गई थी।

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दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, लॉरेंस ने जोधपुर के हिस्ट्रीशीटर विक्रम सिंह को जेल से फोन किया कि राजू फौजी के लिए बड़ा काम है, उससे कहना मुझे कॉल करे। राजू फौजी अपने पास फोन नहीं रखता है और उन दिनों वह फरार था। ऐसे में विक्रम सिंह का राजू से संपर्क नहीं हुआ और वह उसे लॉरेंस का मैसेज नहीं दे पाया। कुछ दिनों बाद राजू पकड़ा गया था। लॉरेंस ने कई बड़े गैंगस्टर्स को भी बड़ा काम देने के लिए मैसेज किए थे।

लॉरेंस ने बराल पर किया था एहसान

अजमेर जेल में लॉरेंस और सीकर के गैंगस्टर सुभाष बराल की पहचान हुई थी। सुभाष बराल पर लॉरेंस का बड़ा एहसान था। सुभाष का चाचा हरदेवाराम चुनाव लड़ना चाहता था। ऐसे में लॉरेंस ने सुभाष बराल के कहने पर जेल से शूटर भेज कर जुराठड़ा सरपंच सरदार राव की हत्या करवा दी थी। वहीं दूसरी ओर पुलिस जांच में भी पुष्टि हुई थी कि हरदेवाराम के पास जो फोन कॉल आए थे, उनकी कॉल लोकेशन अजमेर जेल ही थी। दिल्ली की तिहाड़ जेल से भी जयपुर के एक बिल्डर से लॉरेंस ने एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। फिरौती मांग कर धमकाने में भी बराल का नाम सामने आया था। बराल ने एक नई स्कॉर्पियो भी खरीदी थी, लेकिन उसकी हालत ऐसी हो गई कि तेल डलवाने के भी रुपए नहीं थे। बराल अभी इसी मामले में फरार चल रहा है।

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